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पलामू: शहर की सड़कों की होगी मापी, एक किलोमीटर के दायरे में होगा एक सफाईकर्मी

Palamu :  पलामू जिले को 100 प्रतिशत स्वच्छ जिला बनाने की कवायद एक बार फिर शुरू की जा रही है. इसके लिए कई स्तरों पर रूपरेखा तैयार की गयी है. जिले के उपायुक्त डॉ शान्तनु कुमार अग्रहरी ने आज अपशिष्ट प्रबंधन समिति की बैठक की और साफ सफाई व्यवस्था की समीक्षा की.

15 दिनों में कचरे की रूपरेखा तैयार करने का निर्देश

उपायुक्त ने नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी विनीत कुमार को शहर की सड़कों की नापी करने और प्रति किलोमीटर एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करने का निर्देश दिया. उन्होंने 15 दिनों के अंदर पूरे शहर की साफ-सफाई एवं शहर से निकलने वाले कचरे की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया. 20 दिनों के अंदर बड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण करने का निर्देश भी दिया. कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा शहर के कचरे के निष्पादन हेतु 20 एकड़ जमीन की भी मांग उपायुक्त से की गयी.

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100 प्रतिशत स्वच्छ जिला बनाने की कवायद

उपायुक्त ने सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निरंतर सुपरवाइजर मीटिंग एवं नाइट शिफ्ट की नियमित जांच करवाते रहें, जिससे जिले को 100 प्रतिशत स्वच्छ बनाने का लक्ष्य जल्द ही पूरा किया जा सके. नगर निगम द्वारा पूर्व में कचरे को गीले एवं सूखे कचरे में बांटा गया था. उपायुक्त ने सूखे कचरे को भी बांटने तथा वह कचरा जो री-यूजेबल हैं, उसे री-यूज करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति कचरा जलाते हुए पकड़ा गया तो आवश्यकतानुसार दंड तथा फाइन भरना होगा.

उपायुक्त ने सिविल सर्जन जॉन एफ कैनेडी से बायो मेडिकल वेस्ट के निष्पादन की प्रक्रिया की जानकारी ली. सिविल सर्जन ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल हेतु राज्य सरकार द्वारा मेडिकेयर संस्थान लोहरदगा को नामित किया गया है, जो पलामू जिला अंतर्गत सभी सरकारी तथा गैर सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट का निष्पादन करता है.

उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि बायो मेडिकल वेस्ट के निष्पादन की आवश्यक जांच करें, तथा वे संस्थान, जो वेस्ट को खुले में डिस्चार्ज कर रहे हैं, उन पर आवश्यकतानुसार दंड स्थापित करें. बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी, सदर, छतरपुर और के अनुमंडल पदाधिकारी सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.

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