
Ranchi: झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) द्वारा फिजिकल एजुकेशन टीचर पद के लिए बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए ) की शैक्षणिक योग्यता रखने वाले मुकेश कुमार रंजन की कट ऑफ से ज्यादा अंक आने के बाद भी कैंडिडेचर रद्द करने के मामले को लेकर दायर याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. कोर्ट ने प्रार्थी को 8 सप्ताह में नियुक्त करने का आदेश जेएसएससी को दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कहा बीसीए साइंस स्ट्रीम का अभिन्न अंग है. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डॉ एसएन पाठक की कोर्ट ने प्रार्थी की याचिका को स्वीकार कर लिया.
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दरअसल, जेएसएससी ने ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर, फिजिकल एजुकेशन के विज्ञापन संख्या 21/ 2016 में अभ्यर्थियों के लिए साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम में 45% अंक के साथ ग्रेजुएशन की अर्हता निर्धारित की थी. जबकि प्रार्थी के पास बीसीए की डिग्री थी. उक्त परीक्षा में कट ऑफ से ज्यादा अंक लाने के बाद भी जेएसएससी ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय प्रार्थी का कैंडिडेचर रद्द कर दिया था.जिसे उसने हाईकोर्ट की एकल पीठ में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट की एकल पीठ से राहत नहीं मिलने पर प्रार्थी ने खंडपीठ में अपील दाखिल की थी.
खंडपीठ ने प्रार्थी की अपील को स्वीकृत करते हुए इस मामले को पुन विचार करने के लिए हाईकोर्ट की एकल पीठ के पास भेज दिया था. मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया की बीसीए साइंस स्ट्रीम का अभिन्न अंग है. भारत में एजुकेशन सेक्टर में आज के समय में कई बदलाव हुए हैं. कई नए कोर्स आए हैं जो साइंस,आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम के अभिन्न अंग हैं. इस तरह बीसीए भी साइंस स्ट्रीम का अभिन्न अंग है. वर्ष 2014 में यूजीसी के गजट पब्लिकेशन में यह मेंशन किया गया है कि बीसीए साइंस स्ट्रीम का अभिन्न अंग है. इसी तरह के कई सारे और नए कोर्स साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम के अभिन्न अंग है.




