
Giridih: मंगलवार को जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार कल्याण पखवाड़ा की शुरुआत हुई. 20 दिनों तक चलने वाले इस पखवाड़े की शुरुआत डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने परिवार कल्याण पखवाड़ा रथ को हरी झंडी दिखाकर किया. इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में जिले के कई डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया. इन्हें बीते साल 2022 में प्रजनन दर में कमी लाने की दिशा में बेहतर कार्य करने को लेकर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में तिसरी के डॉक्टर रंजीत और उनके टीम के स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल थे. इसके अलावा शिवम क्लिनिक की महिला डॉक्टर इंदिरा सिंह, बिरनी एएनएम पुष्पा बरनवाल, गांडेय एएनएम रंजना कुमारी, उषा कुमारी, चंदार्नी बेशरा, सुनीता कुमारी, मधुमाला कुमारी, अंशु ऐंड, रीना हेंब्रम, नीलम कुमारी, सहिया रीता वर्मा, संगीता कुमारी, सीता देवी, बबिता देवी, रंजू मंडल, उषा पांडे, गीता देवी, गुड़िया देवी के साथ बेस्ट बीटीटी प्रीति देवी, मंजू कुमारी को स्वास्थ विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.

इस मौके पर डीसी ने कहा की देश का प्रजनन दर दो फीसदी है लेकिन झारखंड प्रजनन दर 2.3 और गिरिडीह का सबसे अधिक 2.4 फीसदी है. डीसी ने कहा की अगर इसी तरह प्रजनन दर बढ़ता गया तो इसका बुरा हाल जलवायु परिवर्तन पर होगा और इसका गलत प्रभाव दिख भी रहा है. डीसी ने कहा की हर हाल में प्रजनन दर में कमी लाने की दिशा में और अच्छा करने की जरूरत है. बढ़ती आबादी के कारण ही जमीन, जल, अनाज और मौसम में बदलाव सबसे बड़ा कारण के रूप में सामने आ रहा है और बढ़ती आबादी को नही रोका गया तो कई और परेशानियों का बढ़ना तय है. इधर सिविल सर्जन ने प्रजनन दर में कमी लाने को लेकर एनएसवी, अंतरा, छाया और कंडोम के इस्तेमाल पर बल दिया. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डीडीसी शशिभूषण मेहरा, डीपीआरओ रश्मि सिन्हा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की खास भूमिका रही.




