न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कठिन डगर है गैर सेवा से आईएएस में प्रमोशन, थ्री लेयर पर आंका जाता है परफॉरमेंस, जनवरी में होगा इंटरव्यू

डिपार्टमेंट, राज्य स्तर और यूपीएससी के स्तर पर होती है स्क्रीनिंग, इंटरव्यू में मिलता है परफॉरमेंस का लाभ

100

Ravi Aditya

Ranchi: गैर सेवा आईएएस संवर्ग में प्रमोशन की डगर कठिन है. जनवरी में अफसरों का इंटरव्यू होना है. इसके लिये थ्री लेयर पर परफॉरमेंस आंका जाता है. पहले लेयर में अफसरों के परफॉरमेंस के आधार पर विभाग के एचओडी (अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव) सरकार को अफसरों के नामों की अनुशंसा करते हैं. दूसरे लेयर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी  इसकी जांच करती है. कमेटी में मुख्य सचिव के अलावा विकास आयुक्त, कार्मिक सचिव और एक वरीय आईएएस अफसर भी शामिल रहते हैं. तीसरे लेयर में कमेटी चयन किये गये नामों को यूपीएससी के पास भेजती है. इस तरह तीन चरणों में स्क्रीनिंग की जाती है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड के 110 निजी ITI में चले VTP कार्यक्रम की जांच शुरू

इंटरव्यू में परफॉरमेंस ही होता है चयन का आधार

विभाग और राज्य सरकार के स्तर से परफॉरमेंस आकंने के बाद अंतिम पड़ाव यूपीएससी होता है. यूपीएससी अफसरों का इंटरव्यू लेती है. इंटरव्यू में अफसरों को परफॉरमेंस का लाभ मिलता है. गैर सेवा से आईएएस में प्रमोशन के लिये अफसरों का राजपत्रित होना जरूरी है. सेवा संपुष्ट होनी चाहिये. अफसरों पर आरोप नहीं होना चाहिये. हर साल की गोपनीय चारित्री होनी चाहिये.

इसे भी पढ़ें – स्थापना दिवस पर पूर्ण बहुमतवाली सरकार की घोषणाओं का हाल : जानिये क्या है हकीकत

इंटरव्यू में इन मुद्दों से जुड़े पूछे जाते हैं सवाल

राज्य के प्रति अफसर का विजन

विभिन्न विभागों की जानकारी

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां

हर क्षेत्र में नये ट्रेंड की जानकारी

मेरिट और एबिलिटी से जुड़े सवाल

इसे भी पढ़ें – वीडियो: धनबाद के मेयर नर्क बने इसी गार्डन सिटी अपार्टमेंट में रहते हैं

दो पदों में दी जानी है प्रोन्नति

गैर सेवा में से आईएएस में प्रमोशन के लिये एक पद के विरूद्ध पांच गुणा नाम भेजा जाता है. वर्तमान में दो पदों में प्रोन्नति दी जानी है. इसलिये दो पदों के विरूद्ध 10 नामों की अनुशंसा की गई है. पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर, प्रमोद कुमार, सतीशचंद्र चौधरी, श्रम विभाग के प्रभात कुमार और उमेश प्रसाद, योजना विभाग के माधव शरण सिंह व प्रदीप किंडो, कृषि विभाग के आरके अग्रवाल व राजेश शर्मा, ग्रामीण विकास के अक्षय कुमार सिंह व खाद्य आपूर्ति के एक अफसर का नाम शामिल है. राज्य गठन के बाद से गैर सेवा से अब तक पांच अफसर आईएएस बन चुके हैं. इसमें अरूण, जटाशंकर चौधरी, ब्रजमोहन, मनोज कुमार और राजीव कुमार शामिल हैं.

इसे भी पढ़ें – पांचवीं अनुसूची पर सुलगते सवालों का जवाब नहीं सूझा एक्सपर्ट सुभाष कश्यप को, सचिव ने किया प्रोग्राम बंद करने का इशारा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: