
Giridih : भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में दो पुल निर्माण योजना से माओवादियों को लेवी नहीं मिलने से उन्होंने योजना स्थल में जमकर तांडव मचाया. करीब दर्जन भर मजदूरों की पिटाई की.
जिसमें एक मजदूर को गंभीर चोट लगी है. कुछ मजदूर बंगाल के हैं तो कुछ देवरी के हैं. जख्मी मजदूरों का कहना है कि दो बाईक में छह लोग पहुंचे थे. जिसमें दो नक्सली वर्दी में थे. इन दोनों के पास हथियार थे.
इधर घटना के बाद से दोनों योजनास्थल से जुड़े आधा दर्जन गांव चिरुडीह, गुनियाथर, कारीभाल, कट्टराटांड और भलपहरी आदि में दहशत है. जिन दो पुलों का निर्माण कार्य चल रहा था.
उसमें एक ग्रामीण विकास डिवीजन से तीन करोड़ 52 लाख की लागत से बन रहा है. यह चिरुडीह के बडनेर नदी पर बन रहा है. दूसरा, आरईओ द्वारा दो करोड़ 10 लाख की लागत से कलमुंरगी गांव के कैलाटांड नदी पर बनाया जा रहा है.
दोनों पुल के बन जाने से जमुई और चकाई की दूरी घटकर 12 किमी हो जायेगी.
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पुलिस जांच में जुटी
इस घटना को माओवादियों के जमुई-गिरिडीह के जोनल कमांडर पिंटू राणा ने सहयोगियों के साथ अंजाम दिया. पुलिस लेवी नहीं देने पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाना कांड संख्या 14/20 केस दर्ज कर जांच में जुट गई है.
घटना रविवार की देर रात करीब 12 बजे की है. घटना के बाद निर्माण कार्य बंद है.
योजना से जुड़े संवेदक मनोज निराला और रामटहल चौरसिया ने बताया कि योजनास्थल में सुरक्षा मिल जाने तक मजदूर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं.
मार्च में दोनों संवदेकों के नाम से जोनल कमांडर पिंटू राणा ने दो चिट्ठी भिजवाई थी. दोनों से 10 प्रतिशत लेवी की मांग की गई थी.
चिट्ठी मिलने के दो दिन बाद ही लॉकडाउन लागू हो गया. माओवादियों से चिट्ठी मिलने की जानकारी पुलिस और विभागको भी दी गयी. लेकिन थाना प्रभारी जलालुद्दीन ने कहा कि ठेकेदारों को पत्र मिलने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है.
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