
Garhwa: कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए बाहर से आये मजदूरों को सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है. लेकिन सेंटरों पर सुविधाओं का अभाव रहने के कारण हर दिन मजदूर हंगामा कर रहे हैं. ताजा मामला पलामू प्रण्डल के गढ़वा जिले से सामने आया है. सुविधाओं के अभाव और गंदगी के कारण शनिवार सुबह तकरीबन एक सौ मजदूर सड़क पर उतर आए. और जमकर हंगामा किया.
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इस दौरान गढ़वा-नगर ऊंटारी मुख्य मार्ग को डेढ़ घंटे तक जाम किया. हालांकि जाम औऱ हंगामा की सूचना पर गढ़वा सदर बीडीओ जागा महतो मौके पर पहुंचे औऱ किसी तरह लोगों को समझा कर उनका गुस्सा शांत कराया. साथ ही क्वारेंटाइन सेंटर पर सुविधाएं बहाल करने की बात कही.
एक सौ से अधिक थे मजदूर
गढ़वा सदर प्रखंड के लगमा बस स्टैंड के पास स्थित सरकारी विद्यालय में क्वारेंटाइन किए गए एक सौ से अधिक मजदूर लाठी, डंडे औऱ ईंट-पत्थर लेकर सड़क पर उत्तर आए. सड़क जाम कर दिया. मजदूरों का कहना था कि उनलोगों को सुरक्षित उनके घर भेजा जाए. आरोप लगाया कि क्वारेंटाइन सेंटर में कोई व्यवस्था नहीं है. खाने-पीने की सुविधा, साफ-सफाई तो एकदम ही नहीं है.
आरोप यह भी लगाया कि अभी तक क्वारेंटाइन सेंटर को एक बार भी सेनेटाइज नहीं किया गया है. क्वारेंटाइन सेंटर में कचरे का अंबार लगा हुआ है. ऐसे में रहना मुश्किल है. प्रशासन के पास फंड औऱ सुविधा नहीं तो उन्हें घर भेज दें.
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कोरोना संक्रमित हो जाने का भय
मजदूरों का यह भी कहना है की अभी तक वे लोग कोरोना पॉजिटिव नहीं पाये गये हैं, लेकिन यही हालात रहे औऱ इसी क्वारेंटाइन सेंटर में रहे तो हम लोग निश्चित ही कोरोना पॉजिटिव हो जायेंगे. सरकार औऱ जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि हमें सुरक्षित अपने गृह जिला में घरों तक पहुंचा दिया जाये.
क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गए मजदूर अलग-अलग इलाके के रहने वाले हैं. कोई रांची के तो कोई यूपी के बनारस के रहने वाला है. कई छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के बताए जा रहे हैं.
मजदूरों का सड़क पर उतरना बड़ा सवाल
मजदूरों का सड़क पर उतरना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाता है. क्या जिला प्रशासन की व्यवस्था इन क्वारेंटाइन सेंटरों पर पहुंच नहीं पा रही है? जिला प्रशासन आखिर क्या कर रहा है?
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