
- यूपीए घटक दल के नेताओं के साथ बातचीत में सीएम ने मनरेगा योजना को बताया मील का पत्थर
- कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आयोजित थी बैठक
- वीडियो कांफ्रेसिंग में शामिल हुए बंगाल, महाराष्ट्र के सीएम के साथ कई दिग्गज नेता
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के पहले और बाद में झारखंड सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बेहतर काम किया है. इसका असर है कि आज राज्य में संक्रमित लोगों की रिकवरी दर 90 प्रतिशत से ऊपर है जबकि मृत्यु दर कम.
मुख्यमंत्री सोरेन ने शुक्रवार को यूपीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में यह बात कही.
यह बैठक सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी थी. सीएम ने कहा कि वर्तमान समय में देश और राज्य के समक्ष चुनौतियां काफी अधिक है. इसमें आर्थिक और रोजगार का संकट सबसे प्रमुख है.
इससे लड़ाई के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा. बतौर विपक्ष सभी यूपीए राज्य इस स्थिति से केंद्र को अवगत कराएं. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमने पहले ही अवगत कराया है.
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यूपीए की शुरू की गयी मनरेगा योजना बनी मील का पत्थर
सीएम सोरेन ने कहा कि यूपीए द्वारा लागू की गयी मनरेगा योजना आज देश के सभी किसानों, बेरोजगारों और जरूरतमंदों के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
राज्य सरकार अब केंद्र से यह मांग करेगी कि मनरेगा में नीतिगत अधिकार सभी राज्यो को दें. इन अधिकारों में मनरेगा में योजना का चयन, मजदूरी दर का निर्धारण शामिल है.
इससे राज्य सरकार दिव्यांगों, बुजुर्गों को उनकी क्षमता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध करा सकेगी. इससे उनके आर्थिक स्वावलंबन का रास्ता भी निकलेगा. हेमंत ने कहा कि झारखंड में मनरेगा मजदूरी दर काफी कम है. केंद्र से इसे बढ़ाने की मांग की गयी है.
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सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर कार्य किया
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से लोगों की सेवा में जुटी है. आनेवाले दिनों में हमें स्वास्थ्य सेवा में आत्मनिर्भर होना होगा.
ऐसा इसलिए क्योंकि आज सभी व्यवस्था सरकारी व्यवस्था पर टिकी है. संकट के इस दौर में भी लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है.
हेमंत सोरेन ने कहा कि जीएसटी की मार राज्य अभी भी झेल रहा है. केंद्र द्वारा राज्य को समय पर इसका हिस्सा नहीं मिल पा रहा है.
केंद्र के हाल में घोषित आर्थिक पैकेज पर भी हेमंत ने सवाल खड़ा किया. सीएम ने कहा कि इस पैकेज से गरीबों, बेरोजगारों को क्या मिलेगा, यह सभी जानते हैं.
राज्यों के मुख्यमंत्री सहित कई यूपीए नेता थे शामिल
वीडियो कांफ्रेसिंग में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेत गुलाम नबी आजाद, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, वाम नेता सीताराम येचुरी, वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव, बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सहित यूपीए घटक दलों के कई प्रतिनिधि शामिल थे.
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