
Ranchi: विपदा की इस घड़ी में ठगों का धंधा जारी है. इस फर्जीवाड़े में कोरोना योद्धाओं के नाम का खूब इस्तेमाल हो रहा है. रिम्स में कोरोना की जांच करने वाली विभाग माइक्रोबायोलॉजी के एचओडी डॉ मनोज के नाम का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर हैकर लोगों से पैसे की मांग कर रहे हैं.
डॉ मनोज के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर होने के कारण रिम्स के उनके ही विभाग के एक वैज्ञानिक ने फर्जी अकाउंट में 15 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से दे दिया. माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ मनोज ने इस पूरे मामले की जानकारी साइबर क्राइम थाना और स्थानीय बरियातू थाना को दे दिया है.

वहीं डॉ मनोज ने लोगों से आग्रह किया है कि लोग भी ऐसे फर्जीवाड़े से बचें. डॉ मनोज ने कहा कि फर्जी फेसबुक के अकाउंट में डेट ऑफ बर्थ 1994 लिखा गया है. जबकि 1994 में उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई भी कंप्लीट कर ली थी.
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एम्स के डॉक्टर ने फोन कर दी जानकारी
डॉक्टर ने बताया कि उनके दोस्तों ने कॉल कर उन्हें इस बात की जानकारी दी. एम्स के दोस्तों ने उन्हें बताया कि उनके एकाउंट को हैक कर दूसरे नंबर से फोन कर पैसे की मांग की जा रही है.
वहीं उनके ही विभाग के वैज्ञानिक निकेश कुमार सिन्हा ने डॉ मनोज को फोन कर एकाउंट में 15 हजार डाल देने की जानकारी दी. तब जाकर वे सक्रिय हुए और इसकी जानकारी सीनियर एसपी को दी.
जिसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम थाने में जाकर शिकायत दर्ज करायी साथ ही बरियातू थाने में भी शिकायत दर्ज करायी.
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