
- भर्ती लेने से इंकार पर अस्पतालों के मान्यता रद्द करने के हैं आदेश, पर ले नहीं रहे
Ranchi: राज्य के मुख्यमंत्री लगातार कह रहे हैं कि कोई भी निजी अस्पताल मरीज को भर्ती लेने से इनकार नहीं कर सकता. ऐसा करने पर संबंधित अस्पताल की मान्यता रद्द कर दी जायेगी.
लेकिन रांची के कई निजी अस्पताल इसका खुला उल्लंघन कर रहे हैं. इस कारण राजधानी के दो पत्रकारों प्रवीण कुमार और विनय मुर्मू के अजन्मे बच्चों ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया.
इसको लेकर रांची प्रेस क्लब ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर दोषी अस्पताल और डॉक्टर को चिन्हित कर अविलंब कार्रवाई करने की मांग की. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को जांच का आदेश दिया है.
इसे भी पढ़ें – एमपी सरकार ने बॉर्डर पर रोकी सूरत से गिरिडीह आने वाली बस, फंसे 45 प्रवासी मजदूर, सीएम से मदद की गुहार
जानिये क्या है मामला
न्यूज विंग के पत्रकार प्रवीण कुमार की पत्नी का इलाज बरियातू के आरपीएस अस्पताल में चल रहा था. गर्भ का समय पूरा होने के बाद उनकी पत्नी को कुछ परेशानी होने लगी तो उन्हें लेकर प्रवीण डॉक्टर के पास गये.
अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती लेने से इनकार कर दिया. इस कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गयी.
इसी तरह रविवार को फ़ोटो जर्नलिस्ट विनय मुर्मू की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई. वे पत्नी को लेकर रांची के कई निजी और सरकारी हॉस्पिटल लेकर गये पर भर्ती लेने से इनकार कर दिया.
इसके बाद विनय अपनी पत्नी को लेकर हरमू में डॉ रेखा सिंह के पास ले गये. वहां भी कोविड टेस्ट कराने की बात कहकर लौटा दिया गया.
उसके बाद वे सदर अस्पताल और डोरंडा स्वास्थ्य केंद्र भी गये पर निराश ही होना पड़ा. अंत में गुरुनानक हॉस्पिटल पहुंचे, पर तब तक देर हो चुकी थी.
इसे भी पढ़ें – #FightAgainstCorona : प. बंगाल-झारखंड बॉर्डर पर पहरा दे रहे गांव के युवक, झारखंड आनेवाले लोगों को भेज रहे वापस
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जांच का आदेश
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने पत्रकार विनय मुर्मू के साथ घटित घटना पर दुख व्यक्त किया है, साथ ही स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में जांच का निर्देश दिया है जो भी दोषी पाये जायेंगे उस पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
साथ ही स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया है कि कोविड के अलावे प्रसव एवं अन्य गंभीर रोगों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करें, किसी भी कीमत पर लापरवाही बरतने वाले पर कार्रवाई की जाये.
इसे भी पढ़ें – प्रवासी मजदूरों से घर वापसी के लिए अधिक किराया वसूलने के पीछे कौन सा गणित और रणनीति काम रही है, इसे समझिये




