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स्थापना दिवस अपडेटः पारा शिक्षकों के प्रदर्शन को रोकने के लिए मोरहाबादी में स्टन गन ग्रेनेड से फायरिंग

वीडियो में देखें, कैसे पारा शिक्षकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया

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Ranchi : गुरुवार को मोरहाबादी में झारखंड स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास के पहुंचते ही पारा शिक्षकों का प्रदर्शन बढ़ गया. एक ओर जहां पारा शिक्षक लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और काला झंडा दिखा रहे थे, वहीं पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए जमकर लाठियां बरसायीं. इस दौरान आंदोलनकारी शिक्षकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. पारा शिक्षकों की तरफ से पुलिस पर पथराव भी किया गया. इस बीच पुलिसवालों ने पत्रकारों से भी बदतमीजी की. उनके साथ हाथापाई की गयी.

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वहीं, दूसरी तरफ पारा शिक्षकों को रोकने के लिए पुलिस ने स्टन गन ग्रेनेड (इस तरह की फायरिंग में बहुत तेज आवाज होती है लेकिन जानमाल का कोई नुकसान नहीं होता) से फायरिंग भी की. हालांकि, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन पर डटे थे. काफी समय से अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षक अब आश्वासन नहीं कार्रवाई की मांग पर अड़े दिखे. स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर एक ओर जहां रघुवर दास का भाषण चल रहा था, तो बाहर पारा शिक्षक हंगामा कर रहे थे.

कार्यक्रम स्थल में घुसे पारा शिक्षक

पारा शिक्षकों का एक समूह कार्यक्रम स्थल के अंदर जा घुसा. करीब 150 की संख्या में शिक्षक कार्यक्रम स्थल के अंदर जाकर हंगामा करने लगे. काला झंडा दिखाने लगे. हालांकि, कार्यक्रम जारी रहा, लेकिन पारा शिक्षक अंदर शोर करते रहे. पारा शिक्षक कार्यक्रम स्थल के अंदर जाकर कुर्सियां फेंक रहे थे. लग रहा था, जैसे कार्यक्रम रुक सा गया है. वहां मौजूद सभी अतिथियों और पत्रकारों का ध्यान पारा शिक्षकों की तरफ था. हालांकि, पुलिस पारा शिक्षकों को रोकने की भरसक कोशिश कर रही थी, लेकिन पारा शिक्षक हंगामा करने से बाज नहीं आ रहे थे. बताते चलें कि पारा शिक्षकों में महिलाएं भी मौजूद थीं, वे भी नारेबाजी कर रही थीं.

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कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी हंगामा

स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम के खत्म होने के बाद एक बार फिर से पारा शिक्षकों ने हंगामा शुरू कर दिया.  प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षकों ने महिलाओं को आगे करके सड़क जाम की. ये लोग सड़क पर बैठ गये, जिससे भयंकर जाम लग गया. इस कारण कार्यक्रम में शामिल होने आये सभी अतिथियों को जाने में परेशानी हुई. काफी समझाने के बाद भी पारा शिक्षक नहीं माने. आखिरकार महिला दस्ता लाया गया. महिला दस्ता ने प्रदर्शन कर रही महिला पारा शिक्षकों को सड़क से उठाया. वहीं लॉ एंड ऑर्डर मजिस्ट्रेट अखिलेश सिन्हा खुद ही भीड़ को हटाने के लिए भीड़ में घुस गये.

डीसी और एसपी को उतरना पड़ा जाम हटाने

पारा शिक्षकों के आंदोलन के कारण लगा जाम हट नहीं रहा था. जाम नहीं हटता देख आखिरकार प्रशासन के आला अधिकारियों को भी सड़क पर उतरना पड़ा. डीसी राय महिमापत रे और एसपी अनीश गुप्ता खुद ही जाम हटाने में लग गये. उन्होंने लोगों को पकड़-पकड़ कर अस्पताल के कैंपस में भरा. एक-एक करके पारा शिक्षकों को अस्पताल कैंपस में भेजा जाने लगा.

प्रेस फोटोग्राफर समेत कई व्यक्ति हुए घायल

मोराबादी मैदान में लाठीचार्ज के दौरान घायल हुए लोगों का इलाज रिम्स में किया जा रहा है. लाठीचार्ज में पारा शिक्षकों के अलावा प्रेस व सफाई कर्मी के साथ-साथ अन्य व्यक्ति भी घायल हुए थे. इनमे कई महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज में किसी को हाथ में चोट लगा तो किसी के पांव में फ्रैक्चर आ गया है. झारखंड का 18वां स्थापना दिवस समारोह इन सभी घायलों के लिए एक यादगार समारोह बन गया. अबतक के आंकड़ों के अनुसार 14 लोगों का इलाज रिम्स में कराया जा रहा है.
ये व्यक्ति हुए घायल
पिंटू दुबे ——— मीडियाकर्मी
डोमन बख्शी —— पुलिस कर्मी
चंद्रेश्वर राय ——- सफाई कर्मी
आनंद कुमार —— पारा शिक्षक
तुलसी महतो ——- पारा शिक्षक
विजय कुमार मिश्रा —– पारा टीचर
निकिम सिंह मुंडा —— पारा शिक्षक
रामपुकार पांडेय ——- पारा शिक्षक
महावीर मंडल ——– पारा शिक्षक
अभिलाशा झा ——– पारा शिक्षक
मो. इम्तियाज अहमद — पारा शिक्षक
मो. अर्शद आलम —– पारा शिक्षक
विश्वनाथ यादव —– पारा शिक्षक

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