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स्थापना दिवस पर पारा शिक्षकों का प्रदर्शन, सीएम को काला झंडा दिखाने की कोशिश-पुलिस का लाठीचार्ज

पारा शिक्षकों विरोध-प्रदर्शन पर अड़े, पुलिस ने बरसायी लाठी

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Ranchi: अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत पारा शिक्षक राज्य स्थापना दिवस के दिन भी जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. पहले से तय कार्यक्रम के तहत राज्य के हर जिले से जुटे पारा शिक्षक मुख्यमंत्री रघुवर दास को काला झंडा दिखाने के लिए अंदर घुसने का प्रयास कर रह हैं. बताया जा रहा है कि 5000 से ज्यादा की संख्या में पारा शिक्षक काला झंडा लेकर अंदर घुसने का प्रयास कर रहे हैं.

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प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

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स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर आंदोलनरत पारा शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्थापना दिवस को लेकर मोरहाबादी मैदान में चल रहे मुख्य समारोह में जहां पारा शिक्षक घुसने की जुगत में है. वही भारी संख्या में तैनात पुलिस बल उन्हें रोकने की कोशिश में है. कार्यक्रम में में भाग लेने के लिए जैसे ही रघुवर दास मोरहाबादी मैदान पहुंचे हंगामा शुरू हो गया. मुख्यमंत्री तो अंदर चले गए लेकिन बाहर पारा शिक्षक अंदर जाने की जिद करने लगे. पुलिस और पारा शिक्षकों के बीच हो रही बातचीत में पारा शिक्षकों की तरफ से जबरन अंदर जाने का प्रयास किया जाने लगा, जिसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की.

लेकिन पारा शिक्षक नहीं माने, इसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. करीब 200 मीटर तक पुलिस ने पारा शिक्षकों को दौड़ाया उन पर लाठियां बरसाई. लेकिन पारा शिक्षक कुछ देर के बाद वापस कार्यक्रम स्थल पर लौटे और रघुवर दास के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. मुख्य समारोह स्थल पर एक ओर जहां राज्य के मुखिया स्थापना दिवस पर भाषण दे रहे हैं, वही दूसरी ओर पारा शिक्षक सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं.

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काफी समय से अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षक, अब आश्वासन नहीं कार्रवाई की मांग पर अड़े दिखे. स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर एक ओर जहां रघुवर दास का भाषण चल रहा था, तो बाहर पारा शिक्षक हंगामा कर रहे थे. कईयों के हाथ में काला झंडा भी मौजूद था.  इधर सुरक्षा को लेकर रैप जवान और रांची पुलिस की तैनात की गई थी. इस बीच पारा शिक्षकों को समारोह स्थल से भगाने के लिए वज्र वाहन बुलाया गया है. पुलिस एसडीएम के निर्देश पर आगे की कार्रवाई करने जा रही है.

पुलिस पारा शिक्षकों से सख्ती से निपट रही है. आंदोलनकारी पारा शिक्षकों को पकड़-पकड़ कर पुलिस वैन में बिठा रही है. हालांकि, पारा शिक्षकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है. एक ओर पुलिस उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीट रही है. वही दूसरी ओर पारा शिक्षक भी विरोध-प्रदर्शन पर अड़े हैं.

आरपार की लड़ाई के मूड में पारा टीचर्स

बता दें कि पारा शिक्षकों ने पहले ही साफ कर दिया है कि इसबार वो सरकार के साथ आरपार की लड़ाई के मूड में है. स्थायीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षकों ने पहले ही कहा था कि यदि 15 नवंबर को उनकी मांगों पर सकारात्मक घोषणा नहीं की जाएगी तो वे काला झंडा दिखाएंगे और अगले दिन से हड़ताल पर चले जाएंगे. हालांकि, पारा शिक्षकों ने यह भी कहा था कि यदि सरकार उनकी मांगों को लेकर घोषणा करेगी, तो वे सरकार के पक्ष में नारे लगाएंगे.
इधर सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा था कि स्थापना दिवस राज्य के लिए गौरव की बात है. और उस दिन किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सरकार की तरफ से पारा शिक्षकों को चेताया गया था कि स्थापना दिवस के दिन हंगामा करने पर उनकी नौकरी तक जा सकती है.

20 फीसदी बढ़ेगा मानदेय

इधर अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत पारा शिक्षकों को मनाने के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उनके समक्ष अपनी बातें रखी हैं. इसमें सरकार ने पारा शिक्षकों को लुभाते हुए कहा है कि पारा शिक्षकों के संघ एवं प्रतिनिधियों के साथ 26 अगस्त 2015 को सरकार की हुई वार्ता के आलोक में हुए समझौते के सभी बिंदुओं का सरकार द्वारा अनुपालन किया जा चुका है. इसके तहत सरकार ने पारा शिक्षकों के मानदेय में 20 फीसदी वृद्धि करने का फैसला किया है, जिसे मूर्त रूप देने के सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही है. वहीं, जे-टेट की मान्यता अवधि में भी सरकार ने दो साल का विस्तार करते हुए इसे पांच साल से सात साल करने का निर्णय लिया है और इसे भी मूर्त रूप देने के लिए सरकार कार्रवाई कर रही है.

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