
Ranchi : साहिबगंज के बरहरवा टोल प्लाजा टेंडर मामले में ईडी द्वारा पुलिस अधिकारियों से पूछताछ पर सवाल उठाते हुए ईडी के अधिकार को चुनौती देनेवाली झारखंड सरकार की रिट याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस याचिका को इंटरटेन नहीं किया, कहा कि जब हाइकोर्ट को पावर है तो राज्य सरकार को सीधा हाइकोर्ट जाना चाहिए था. कोर्ट ने सरकार को छूट दी है कि वह इस मामले को लेकर हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकती है. सरकार की ओर से आर्टिकल 32 में सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका फाइल की गयी थी. इसमें कहा गया था ईडी वैसी जगह पर इंटरफेयर कर रहा है जहां उसका क्षेत्राधिकार नहीं है. लॉ एंड ऑर्डर देखने का मामला राज्य सरकार के तहत आता है. ईडी इसमें इंटरफेयर नहीं कर सकता है. जिस पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस याचिका को इंटरटेन नहीं करते हुए सरकार को लिबर्टी दी कि वह झारखंड हाइकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकती है.
बता दें कि साहिबगंज के बरहरवा थाने में टोल प्लाजा टेंडर विवाद में शंभू नंदन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें पंकज मिश्रा और सरकार के मंत्री आलमगीर आलम पर उसने टेंडर में भाग नहीं लेने की धमकी देने का आरोप लगाया था. इस मामले में ईडी ने पुलिस और सरकार के आला अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए समन किया है. जिसके बाद राज्य सरकार ने ईडी के अधिकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. मामले को लेकर बरहरवा साहिबगंज थाना कांड संख्या 85/2020 दर्ज करायी गयी थी.निचली अदालत ने भी मामले में ट्रायल पर रोक लगायी है.
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