
Jamshedpur : न्यूजविंग ने 20 दिन पूर्व गत 18 सितंबर को खबर छाप कर यह आशंका जतायी थी कि एमजीएम के नये कोविड वार्ड में खामियों को दुरुस्त किये जाने की जरूरत है, अन्यथा इसके चलते कभी भी दुर्घटना हो सकती है. इस बीच उपायुक्त सूरज कुमार ने कहा है कि मरीजों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. बिना पूरी तरह से ट्रायल लिए वार्ड का हैंडओवर नहीं लिया जायेगा. खबर में बताया गया था कि नयी दिल्ली की इंडियन-अमेरिकन सोसाइटी की ओर से बनाये गये इस 100 बेड के अस्थायी कोरोना वार्ड को लगाने के चौथे दिन ही 28-29 अगस्त को एक बलून कैनोपी धमाके के साथ फट गयी थी. दिल्ली से नयी कैनोपी मंगाकर इसे बदला गया था. 8 अक्तूबर की रात दोबारा इसकी बलूननुमा कैनोपी धमाके के साथ फट गयी. इसमें लगा लोहे का एंगल और एसी यूनिट भी गिर गयी. इस वार्ड का अभी उद्घाटन नहीं हुआ है.
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उपायुक्त सूरज कुमार ने कहा कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर को देखते हुए एनजीओ की मदद से यह अस्थायी सेटअप तैयार किया गया है. इसमें कुल चार बैलून हैं. तीन की टेस्टिंग हो चुकी है. चौथे बैलून की टेस्टिंग के दौरान ही यह घटना हुई है. ऑक्सीजन प्रेशर 1.3 पास्कल रखना था, जिसे बढ़ाकर 2.5 तक कर दिया गया था. प्रेशर अधिक होने के कारण बैलून की पेस्टिंग उखड़ गई. बिना पूरी तरह से ट्रायल लिए हैंडओवर नहीं लिया जायेगा. मरीजों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है.
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