
Ranchi: चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाइकोर्ट में सुनवाई टल गयी. यह तीसरी दफा है जब लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर हाइकोर्ट में सुनवाई टल गयी.
इससे पहले 8 नवंबर और 22 नवंबर को भी लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर हाइकोर्ट में सुनवाई टल गयी थी. लेकिन एक बार फिर शुक्रवार को हाइकोर्ट के अधिवक्ता के निधन के कारण लालू प्रसाद के मामले की सुनवाई टल गयी.
अब 6 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई होगी. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में लालू प्रसाद यादव के मामले की सुनवाई चल रही है. लालू प्रसाद ने चारा घोटाले के दुमका कोषागार मामले में जमानत की मांग की है.
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सीबीआइ ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था
बता दें कि इससे पहले 8 नवंबर को हाइकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था. झारखंड हाइकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने समय मांगा था.
मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को तय की गया थी. बता दें कि चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू यादव ने जमानत मांगी है.
लालू प्रसाद ने बीमारी का हवाला देकर याचिका दाखिल की थी. याचिका में बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया है. देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में उन्हें जुलाई में ही जमानत मिल चुकी है.
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23 दिसंबर 2017 से जेल बंद हैं लालू प्रसाद
लालू प्रसाद को चारा घोटाले के दुमका, देवघर और चाईबासा मामले में सीबीआइ कोर्ट ने सजा सुनायी है. इन तीनों मामलों में 23 दिसंबर 2017 से वो जेल में हैं.
बीमार होने की वजह से रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं. बता दें कि लालू प्रसाद डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी, क्रॉनिक किडनी डिजीज, फैटी लीवर, पेरियेनल इंफेक्शन, हाइपर यूरिसिमिया, किडनी स्टोन, फैटी हेपेटाइटिस, प्रोस्टेट जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं. इस वजह से उन्हें बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में न रख कर रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया है.
दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले 7 साल की सुनायी गयी है सजा
बता दें कि चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में 2 अलग-अलग धाराओं में लालू को 7-7 साल की सजा सुनायी गयी है जबकि 60 लाख जुर्माना भी लगाया गया है. वहीं देवघर कोषागार से 84.53 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में उन्हें साढ़े तीन साल की सजा सुनायी गयी है जबकि 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ और 33.67 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में पांच-पांच साल की सजा सुनायी गयी है. लालू प्रसाद की ये तीनों सजाएं एक साथ चल रही हैं.
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