
NewDelhi : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी बातें रखी. जान लें कि कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से बेपटरी हो गयी अर्थव्यवस्था को सही रास्ते पर लाने की कवायद में मोदी सरकार ने गुरुवार को एक और राहत पैकेज की घोषणा की.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल में आये आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत 3.0 की घोषणा कर दी. बता दें कि आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गयी है जिससे देश में नये रोजगार का सृजन हो सके.
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तीसरी तिमाही में सकारात्मक ग्रोथ की भविष्यवाणी की है, पहले उम्मीद थी कि ये ग्रोथ चौथी तिमाही में होगी: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण https://t.co/elayPuVq6o
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 12, 2020
इसे भी पढ़ें : मंदी में देश! राहुल गांधी का तंज, भारत की मजबूती कमजोरी में बदल दी पीएम मोदी ने
जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े बेहतर आये हैं
इस क्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत हैं. जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े बेहतर आय़े हैं. कहा कि रिजर्व बैंक ने यह संकेत दिया है कि तीसरी तिमाही में ही इकोनॉमी पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकती है.
सीतारमण ने कहा कि मूडीज ने भारत की रेटिंग में सुधार किया है. पहले हमारी रेटिंग जहां 9.6 निगेटिव थी अब इसे घटाकर 8.9 निगेटिव कर दिया गया है. इसी तरह 2022 के अनुमान को 8.1 फीसदी से बढ़ाकर 8.6 फीसदी कर दिया है. यह संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है. बैंक क्रेडिट में 23 अक्तूबर तक 5.1 प्रतिशत की तेजी आयी है.
इसे भी पढ़ें : अफ्रीकी देश मोजांबिक में 50 लोगों की गला काट कर हत्या…आहत फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इस्लामिक आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय खतरा करार दिया
रेलवे में माल ढुलाई 20 फीसदी बढ़ी है
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि रेलवे में माल ढुलाई 20 फीसदी बढ़ी है. बैंक कर्ज वितरण में 5 फीसदी की बढ़त हुई है. कहा कि अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था बेहतर होगी. बताया कि एफपीआई का नेट निवेश भी सकारात्मक रहा है. जीएसटी कलेक्शन 10 प्रतिशत बढ़ा. विदेशी मुद्रा भंडार भी 560 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंच गया है.
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना कर्मचारियों को बड़ी राहत
– आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. सरकार इससे जुड़े कर्मचारियों को ईपीएफओ से जोड़ेगी. ऐसे कर्मचारी जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे और उनकी तनख्वाह 15 हजार से कम है तो उनको इस योजना का लाभ मिलेगा. जो लोग अगस्त से सितंबर तक नौकरी में नहीं थे, लेकिन उसके बाद पीएफ से जुड़े हैं उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा. यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी.
नये कर्मचारी के 12 फीसदी पीएफ योगदान के लिए सरकार 2 साल तक सब्सिडी देगी
सरकार दो साल तक 1000 तक की संख्या वाले कर्मचारियों वाले संस्थाओं को नयी भर्ती वाले कर्मचारियों के पीएफ का पूरा 24 फीसदी हिस्सा सब्सिडी के रूप में देगी. यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगा. 1000 से ज्यादा कर्मचारियों वाले संस्थान में नये कर्मचारी के 12 फीसदी पीएफ योगदान के लिए सरकार 2 साल तक सब्सिडी देगी. इसमें लगभग 95 फीसदी संस्थान आ जायेंगे और करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा.
इसे भी पढ़ें : पीएम मोदी आज जेएनयू में करेंगे स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण
देश में निवेश बढ़ रहा है
वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के पहले चरण का प्रदर्शन अच्छा रहा है. 28 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश राशन कार्ड नेशनल पोर्टेबिलिटी के अधीन हैं. इससे 68.6 करोड़ लोगों को फायदा हुआ है. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 1373.33 करोड़ रुपये का कर्ज आवंटित किया गया है.
सीतारमण ने कहा कि देश में निवेश बढ़ रहा है. इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम (ईसीजीएलएस) के अंतर्गत 61 लाख कर्जदारों को 2.05 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है. इनमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं. बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किये हैं और उन्हें दो चरणों में 1,43,262 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. बताया कि आयकर विभाग ने सक्रियता और तेजी दिखाते हुए 1.32 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया है.




