
Chakradharpur: 29 करोड़ रूपए खर्च होने के बावजूद चक्रधरपुर शहरवासी प्यासे है. वर्तमान में योजना पर ग्रहण लग गया है। उक्त बातें शुक्रवार को आसनतलिया स्थित पूर्व विधायक शशिभूषण सामड ने अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा . उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जनहित में लाभकारी योजनाएं बनाई जाती है. लेकिन संबंधित विभाग और अधिकारियों की लापहरवाही के कारण शहरी जलापूर्ति योजना का लाभ लोंगों को नहीं मिल सका. शहरी जल योजना में कुल 49 करोड़ रूपए की हैं. इसमें अब तक 29 करोड़ खर्च हो चुकी है. जबकि 17 करोड़ निकासी और 12 करोड़ बकाया है. दो जलमीनार भी बन कर तैयार है. उन्होंने कहा कि 6 करोड़ रूपए से पुसालोटा गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और शहरी क्षेत्र में 50 किलोमीटर पाइपलाई भी बिछाया जा चुका है.
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श्री सामड ने कहा कि योजना बनाने से पहले नगर परिषद एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को पता करना था कि पानी कहां से मिलेगा. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. योजना बना कर केवल राशि की लूट हो रही है. सोनुआ प्रखंड के पनसुवां डैम किसानों की हीत को देखते हुए बनाया गया है. जिसके कारण शहरी जलापूर्ति .योजना बनने के साथ ही विरोध हुआ. अब प्रशासन ध्यान देना होगा की इस योजना को कहां से पानी मिलेगा. जिसका लाभ शहरवासियों को मिल सके. उन्होंने कहा कि शहरी जलापूर्ति योजना शहरवासियों के लिए महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना को धरातल में उतारने के लिए राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपायुक्त से मुलाकात कर समस्या का निदान करने के लिए पत्र लिखा जाएगा. अगर योजना को पूर्ण नहीं किया गया तो शहरवासी के साथ आंदोलन का रूख अख्तियार करेंगे . जिसका पूरा जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रेस वार्ता के दौरान दुर्गा महतो, संतोष मुंडा, अजय महतो, मनीष महतो अन्य उपस्थित थे.




