
Ranchi: राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिये समय समय पर अलग अलग पॉलिसी लायी गयी है. खनिज बहुल राज्य होने के कारण राज्य सरकार ने खनिज उद्योग और खनन को भी बढ़ावा देने के लिये समय समय पर घोषणा की है. इसके बाद भी राज्य में अभ्रक उद्योग सुस्त की स्थिति में है. हालांकि इसके रिवाईवल के लिये कई बार केंद्र और राज्य सरकार ने कटिबद्धता दिखायी है. इसके बाद भी उद्योगों की स्थिति में विशेष असर नहीं पड़ रहा है.
इसे भी पढ़ें: कोयला कर्मियों को आज मिलेगा सितंबर महीने का वेतन, जबलपुर डबल बेंच के आदेश के बाद मिली राहत
राज्य के कोडरमा और गिरिडीह में अभ्रक व्यापक स्तर पर पाया जाता है. व्यवसायियों की मानें तो चार महीने पहले अभ्रक के कुछ सैंपल्स हैदराबाद स्थित लैब में जांच के लिये भेजा गया था. सैंपल जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट की ओर से भेजा गया. जिसकी जांच रिपोर्ट अब तक अप्राप्त है. जबकि रिपोर्ट मिलने से व्यवसायिक गतिविधि बढ़ायी जा सकती है. व्यवसायियों की मानें तो छोटी-छोटी अड़चनों के कारण अभ्रक उद्योग को पुनर्जीवित करने के प्रयास विफल हो रहे हैं.

समीक्षा जरूरी: व्यवसायियों की मानें तो कोडरमा और गिरिडीह में अभ्रक उद्योग के रिवाईवल के लिये समीक्षा जरूरी है. पिछले दिनों चैंबर ऑफ कॉर्मस के प्रतिनिधिमंडल ने भी इस मामले में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव से वार्ता की थी. जहां मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गयी थी. दिसंबर 2022 में राज्य सरकार ने अभ्रक उद्योग को पुर्नजीवित करने के लिये संशोधित नीति की घोषणा की थी. जिसे कैविनेट स्वीकृति भी मिल गयी है. राज्य सरकार की मानें तो अभ्रक उद्योग वैध रूप से संचालित करते हुए रोजगार सृजन करना है.
गिरिडीह महत्वपूर्ण स्थान: गिरिडीह झारखंड का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है. जो अभ्रक उत्पादन के लिए जाना जाता है. गिरिडीह के अभ्रक का उपयोग सौंदर्य प्रसाधन, पेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और विद्युत उपकरणों जैसे विभिन्न उद्योगों में किया जाता है. शहर के समृद्ध खनिज संसाधन और रणनीतिक स्थान इसे खनन और संबंधित उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं.




