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ECL :  जमीन नहीं मिलने के कारण आउटसोर्सिंग कंपनी ने बंद किया उत्पादन, बेरोजगार हुए 140 मजदूर

Anil pandey

Dhanbad : ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से देश की कोयला राजधानी धनबाद में कोयले का उत्पादन  खटाई में पड़ता नजर आ रहा है.

जमीन की कमी और बेपरवाह ईसीएल प्रबंधन की वजह से कोयला उत्खनन में लगी आउटसोर्सिंग कंपनियों ने बुधवार से ही काम बंद कर दिया है.

जिस कारण इस विकट समय में भी 140 मजदूरों मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

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दूसरी ओर ईसीएल प्रबंधन तकनीकी निर्देशक बी वीरा रेड्डी ने बताया कि कंपनी के पास तीन से चार महीने का काम अभी भी है. इस दौरान जमीन अधिग्रहण कर लिया जायेगा. जिससे परियोजना विस्तार में कोई दिक्कत नहीं आयेगी.

जानकारी देने के बाद भी ईसीएल प्रबंधन ने नहीं की कोई पहल

कोयला, जो न सिर्फ पवार सेक्टर की जान है, बल्कि स्टील कंपनियों का भविष्य भी यही काला कोयला तय करता है. लेकिन इस कोयला के उत्पादन में लगी कोल कंपनियों के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इसके उत्पादन में एक बड़ी बाधा उत्पन्न हो गयी है.

दरअसल निरसा स्थित ईसीएल क्षेत्र की कपासारा ओसीपी में उत्पादन के लिए भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण आउटसोर्सिंग कंपनी बीजीएच ने बुधवार से ही काम बंद कर दिया है. बताया जाता है कि इस संबंध में आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों ने ईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर समस्या की जानकारी दे दी थी. इसके बावजूद जमीन अधिग्रहण करने की दिशा में ईसीएल प्रबंधन ने कोई दिलचस्पी नहीं ली.

फलस्वरूप कोयला उत्पादन ठप हो गया और 140 मजदूरों के समक्ष रोजी – रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. इस संबंध में आउटसोर्सिंग कंपनी बीजीएच के अधिकारी ने बताया कि अगर जल्द ही कोयला उत्पादन के लिए कंपनी को जमीन मुहैया नहीं कराया गया गया तो कंपनी यहां से चली जायेगी.

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ब्लास्टिंग के लिए तीन माह से नहींं मिल रही है जमीन

बताया जाता है कि एमडीए, वीजीएम एंड एमएसआर एससी ज्वाइंट वेंचर के प्रकाश सिंह ने 12 मई को ही इस बाबत ईसीएल के मुगमा जीएम को पत्र लिखकर जानकारी दे दी थी. उन्होंने पत्र में उल्लेख किया था कि जमीन उपलब्ध कराने को लेकर ईसीएल प्रबंधन कोई सार्थक पहल नहीं कर रहा है. तीन माह से ब्लास्टिंग के लिए जगह नहीं मिल रही है.

मशीन का शत-प्रतिशत उपयोग नहीं होने से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. जानकारी के अनुसार कंपनी का ईसीएल के साथ आठ वर्षों का कॉन्ट्रैक्ट है. टेंडर के अनुसार कोयला उत्पादन के लिए ईसीएल ने 50 फीसदी जमीन भी उपलब्ध नहीं करायी है.

शुरुआत में तो सब ठीक रहा, लेकिन बाद में जमीन कम होने से ब्लास्टिंग में समस्या आने लगी. ब्लास्टिंग को लेकर स्थानीय लोगों से भी आउटसोर्सिंग कंपनी का हमेशा झंझट होता रहता है. इन सभी परेशानियों से जूझ रही आउटसोर्सिंग कंपनी ने अब यहां से तीन दिनों में अपनी मशीन हटा लेने का निर्णय लिया है.

बता दें कि आउटसोर्सिंग कंपनी प्रतिदिन 700 से 800 टन कोयला का उत्पादन करती थी. 140 व्यक्ति सीधे इससे जुड़े हुए थे. साथ ही सैकड़ों लोगों का अप्रत्यक्ष रूप से इससे रोजगार चल रहा था. लेकिन अब उनका रोजगार भी छीन गया है. कोलियरी बंद होने से आसपास के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं.

आउटसोर्सिंग कंपनी ने मुगमा एरिया के जीएम पर आरोप

ईसीएल कापासरा में कार्यरत कंपनी बीजीएच ने मुगमा एरिया के जीएम बीसी सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब से नये जीएम आये हैं उसके बाद से ही उत्पादन में कमी आयी है. न ही ब्लास्टिंग हो पा रही है और न ही जमीन अधिग्रहण कर दिया जा रहा है. जिससे कंपनी को आगे काम करने में दिक्कत आ रही है.

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