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मजदूरों को घर भेजना तो छोड़िए, उनके शव को भेजने के लिए एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं : हेमंत

लॉकडाउन4 में क्या छूट देगी सरकार, इसपर हेमंत ने कहा- बदलती चीजों को देख कर ही लेंगे निर्णय

 Ranchi : कोरोना से लड़ाई के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन4 को 31 मई तक बढ़ा दिया है. इस चरण में सरकार ने कई छूट भी दी है. वहीं झारखंड सरकार का छूट पर क्या स्टैंड रहेगा, इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में मीडिया से बातचीत की.

उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार इसपर अभी मंथन कर रही है. सोमवार को इसपर बैठक की जानी है.

उसके बाद सरकार यह निर्णय लेगी कि राज्यवासियों को छूट देगी या नहीं. सीएम ने कहा कि ग्रीन, ऑरेंज जोन को लेकर चींजे लगातार बदल रही हैं. सरकार सोच समझ कर ही कोई उचित निर्णय लेगी.

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 जल्द रेड जोन से बाहर आ जाएगा रांची

 उत्तर प्रदेश में मारे गये मजदूरों की स्थिति पर खेद व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि मजदूरों को घर भेजना तो छोडिए, उनके शव को घर भेजने के लिए एंबुलेंस तक भी व्यवस्था नहीं की जा रही है.

हिंदपीढ़ी पर लगातार हो रही घटनाओं पर टिप्पणी नहीं करते हुए सीएम ने कहा कि आज रांची में कोरोनां संक्रमित मरीज लगातार ठीक हो रहे हैं. लेकिन इसे न देखकर हिंदपीढ़ी को टारगेट करते हुए नकारात्मक बातें फैलायी गयी. उनका विश्वास है कि जल्द ही रांची रेड जोन से बाहर आ जाएगा.

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 सीमित संसाधनों में भी मजदूरों को पहुंचायी जा रही मदद

सीएम ने कहा कि सरकार शुरू से यह मानकर चल रही है कि जब प्रवासी मजदूर झारखंड लौटेगे, तभी समस्या बढ़ेगी. एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि राज्य के कई गांवों में बीमार लोगों के साथ भेदभाव की बात सामने आई है. सरकार ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि गांव में रहने वाले लोग ऐसा व्यवहार न करें जिससे भेदभाव पैदा न किया जाए.

पंचायत स्तर पर भी सरकार ने क्वारेंटाइन की भी व्यवस्था की है. उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा झारखंड के प्रवासी मजदूरों के शवों को ट्रकों से भेजे जाने पर खेद व्यक्त किया. कहा कि यह साफ बताता है कि वर्तमान में इन मजदूरों के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है.

उन मजदूरों को घर भेजना छोड़िए, शवों के घर तक भेजने के लिए संबधित राज्य सरकारें एम्बुलेंस की व्यवस्था तक नहीं कर पा रही हैं. हेमंत ने कहा कि राज्य सरकार अपने मजदूरों के साथ खड़ी है. हम अपने सीमित संसाधनों से इन मजदूरों को हर सभव मदद कर रहे हैं.

साथ ही अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया गया है कि फंसे हुए मजदूरों को सम्मान पूर्वक घर तक पहुंचाया जाए.

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