
Bermo : दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) फ्लोटिंग सोलर और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है. डीवीसी के सदस्य सचिव डॉ पीके मुखोपाध्याय ने जानकारी दी कि थर्मल और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर पब्लिक सेक्टर के उपक्रम की योजना है कि वह झारखंड के तिलैया, कोनार और मैथन बांधों में 50 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं स्थापित करे.
उन्होंने यह भी बताया कि डीवीसी बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत लुगू पहाड़ी के पास 6 गुणा 250 मेगावाट (कुल 1500 मेगावाट) की पंप स्टोरेज परियोजना स्थापित करना चाह रही है, जिसके लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट का कार्य पहले से ही किया जा रहा है. 1500 मेगावाट की इस परियोजना पर 5,300 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा और डीवीसी इस परियोजना को फंड देने के विकल्पों को भी तलाश रही है.
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बांकुड़ा में पायलट फ्लोटिंग प्रोजेक्ट स्थापित
उन्होंने कहा कि डीवीसी ने विगत वर्ष अक्टूबर में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के मेजिया में अपने थर्मल प्लांट के अंदर एक जलाशय में एक पायलट फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की स्थापना की है और उसी की तर्ज पर झारखंड एवं आंशिक बंगाल के चार स्थानों पर इसका निर्माण किया जाना है.
मुखोपाध्याय ने जानकारी दी कि यह एक छोटी परियोजना थी लेकिन अब हम सभी चार स्थानों पर बड़ी क्षमताओं वाली परियोजना स्थापित करना चाहते हैं और इसको लेकर एक प्रोजेक्ट रिर्पोट करवायी जा रही है जिसके कुछ महीनों में आ जाने की उम्मीद है.
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दामोदर में अक्षय ऊर्जा की जबरदस्त क्षमता
डीवीसी के सदस्य सचिव ने कहा कि डीवीसी ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में थर्मल पावर प्लांटों से उच्चतम 36,677 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है.
उन्होंने कहा कि दामोदर नदी लगभग 600 किलोमीटर लंबी है, जिसके कारण अक्षय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की इसमें जबरदस्त क्षमता है. कहा कि डीवीसी की बिजली खरीद को लेकर समझौते भी किये जा रहे हैं. इस वर्ष के आरंभ में पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के साथ बंगाल के पुरुलिया जिले में स्थित रघुनाथपुर थर्मल पावर प्लांट से 204 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए एक पीपीए पर हस्ताक्षर किया गया है. कहा कि वर्तमान में डीवीसी बांग्लादेश को लगभग 300 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर रहा है.
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