
Ranchi : राजधानी के निजी स्कूलों में बढ़ी मनमानी फीस को रोकने के लिए रांची डीडीसी की अध्यक्षता में जो फैसला लिया गया गया है, वह इसी सत्र से लागू होगा. रांची जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कमला सिंह ने न्यूज विंग से बातचीत में यह बात कही. उन्होंने कहा कि निर्णय के तहत निजी स्कूलों को दो सालों में अधिकतम 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. झारखंड एजुकेशन ट्रिब्यूनल एक्ट जनवरी 2019 से प्रभावी हुआ है, ऐसे में यह निर्णय इसी सत्र से लागू होगा. अधिकतर निजी स्कूलों द्वारा इस सत्र में फीस बढ़ाने के सवाल पर रांची डीएसई ने कहा कि इसके लिए सभी निजी स्कूल प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट में पूछा गया है कि गत वर्ष स्कूलों की फीस क्या थी और इस साल क्या है. अगर निजी स्कूलों ने बढ़ा कर फीस लिया है, तो उसे निरस्त किया जायेगा.
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दो साल में अधिकतम 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने का निर्णय
सोमवार को डीडीसी की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में स्कूलों को मान्यता प्रदान करने से संबंधित नियमावली पर चर्चा के दौरान निर्णय हुआ था कि राजधानी के निजी स्कूल दो साल में अधिकतम 10 प्रतिशत फीस ही बढ़ा सकेंगे. साथ ही फीस बढ़ाने के लिए इसके लिए ठोस तर्क प्रस्तुत करने होंगे.
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शिक्षा की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग करता है ट्रिब्यूनल
शिक्षा का अधिकार अधिनियम जो राज्य में 2009 में लागू हुआ था, के तहत सभी राज्यों में एजुकेशन ट्रिब्यूनल गठन करने का प्रावधान था. राज्य में भी यह कानून लागू है. कानून के तहत रांची डीडीसी की बैठक में निजी स्कूलों को यह आदेश दिया गया है. बता दें कि ट्रिब्यूनल का काम निजी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, फीस वृद्धि आदि विषयों का मॉनिटरिंग करना है.
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