न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

70वें दिन मरम्मत का कार्य पूरा होने पर लाइटअप किया गया डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट को

79

Bermo : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट की मरम्मत का काम 70वें दिन पूरा करने के बाद सोमवार की रात्रि लगभग 11 बजे उसे उत्पादन के लिए लाइटअप किया गया. हालांकि, लाइटअप के लगभग 20 घंटे बाद भी पावर प्लांट की यूनिट को लोड में देकर उत्पादन आरंभ नहीं किया जा सका है. डीवीसी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि लाइटअप के बाद ब्वॉयलर में थोड़ी गड़बड़ी के कारण प्रेशर एवं स्टीम नहीं बन पाने के कारण यूनिट को लोड में नहीं दिया जा सका है. सूत्रों का कहना है कि मंगलवार की देर रात्रि तक यूनिट से उत्पादन आरंभ हो जायेगा.

22 अक्टूबर से ठप था उत्पादन

ए पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन 22 अक्टूबर की रात दो बजे से ही ठप था. पावर प्लांट के ब्वॉयलर में रात दो बजे ट्यूब लीकेज के बाद यूनिट को बंद किया गया था और तेल का टेम्प्रेचर डाउन करने के लिए स्टीम को ड्रेन किया गया. स्टीम ड्रेन करने के बाद भी टरबाइन का टेम्प्रेचर डाउन नहीं हो पा रहा था. टेम्प्रेचर डाउन नहीं हो पाने के कारण ट्यूब लीकेज की मरम्मत का काम नहीं किया जा सका था.

प्लांट बंद होने से जमा है कोयला का स्टॉक

ए पावर प्लांट के 22 अक्टूबर से बंद हो जाने के कारण इसके कोल यार्ड में वर्तमान में लगभग 2.5 लाख एमटी से भी ज्यादा कोयला का स्टॉक जमा हो गया है और कोयला को रखने का स्थान कम पड़ने लगा है.

प्लांट बंद होने से प्रतिदिन हो रहा था ढाई करोड़ का नुकसान

डीवीसी के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें, तो 500 मेगावाट के ए पावर प्लांट में आयी खराबी के बाद उत्पादन बंद होने से डीवीसी को प्रतिदिन ढाई करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था. पावर प्लांट के टरबाइन एवं ब्वॉयलर का काम करनेवाली पब्लिक सेक्टर की कंपनी भेल के एजीएम जीबी मल्लिक का कहना था कि मरम्मत का काम 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जायेगा, जबकि डीवीसी के इंजीनियरों, डिप्टी चीफ, सीई आदि इसे लाइटअप करने को लेकर कुछ भी कहने से हमेशा बचते नजर आये. भेल कंपनी को खराबी दूर करने के लिए लगभग ढाई करोड़ रुपये का काम डीवीसी द्वारा दिया गया है.

इसे भी पढ़ें- खिलाड़ियों पर ध्यान दे सरकार, राज्य में कोच से लेकर आधारभूत सुविधाओं की कमी : सलीमा टेटे

इसे भी पढ़ें- पांच स्वास्थ्य योजनाओं में खर्च हुए 11.30 करोड़, फायदा कुछ भी नहीं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: