
Ranchi : इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दरों में हुई वृद्धि पर फेडरेशन ऑफ चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने बैठक की. जिसमें सदस्यों ने कहा कि बढ़ी हुई दरें अव्यावहारिक हैं. चेंबर अध्यक्ष धीरज तनेजा ने कहा कि पूर्व की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की दर और वर्तमान दर की तुलना करें तो यह स्पष्ट है कि बढ़ी हुई दरें असामान्य रूप से काफी अधिक हैं.
चिंतनीय है कि राज्य में अधिकाधिक निवेश के लिए राज्य सरकार निवेशकों को झारखंड में निवेश के लिए बुला रही हैं. वहीं दूसरी तरफ विद्युत शुल्क में 10 से 17 गुणा की असामान्य वृद्धि की जा रही है. ऐसे में झारखंड में कोई भी नया उद्योग लगाना मुश्किल हो जायेगा.
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सरकार वापस ले बढ़ोत्तरी
चेंबर के एनर्जी उप समिति के चेयरमेन एनके पाटोदिया ने कहा कि रेगुलेटरी कमिशन की ओर से प्रत्येक साल एनर्जी चार्ज में वृद्धि की जाती है. जिससे इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की देय राशि स्वतः बढ़ जाती है. ऐसे में वर्तमान बढ़ोत्तरी झारखंड सरकार को तुरंत वापस लेनी चाहिए.
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तारीख अलग है
चेंबर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि झारखंड सरकार ने विद्युत शुल्क में बढ़ोत्तरी 7 जुलाई 2021 से की है. जबकि बिजली बोर्ड ने इस बढ़ोत्तरी को 1 जुलाई 2021 से ही प्रभावी कर दिया है. राज्य सरकार को इस मामले की शीघ्र समीक्षा कर, बढ़ी हुई दर पर पुनर्विचार करना चाहिए.
त्योहारों के समय विमान सेवा का नियमित परिचालन हो
पिछले कुछ दिनों में रद्द हुए विमान सेवाओं पर चेंबर ने चिंता जतायी. मामले में चेंबर सदस्यों ने एयरपोर्ट निदेशक से पत्राचार किया. चेंबर के सिविल एवीयेशन उप समिति के चेयरमैन दिनेश प्रसाद साहू ने कहा कि रांची-पटना विमान को अचानक रद्द करने से यात्रियों को सड़क या रेल मार्ग से आवागमन करना पड़ता है, जिससे कठिनाई होती है.
इससे यात्रियों का समय भी अधिक लगता है. दीपावली एवं छठ पूजा को देखते हुए झारखंड से काफी संख्या में यात्रियों का आवागमन पटना के लिए होता है.
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