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जमशेदपुर में व्यापारियों ने मंत्री बन्ना गुप्ता को सौंपा ज्ञापन, कृषि विपणन विधेयक वापस लेने की मांग

Ranchi: कृषि विपणन विधेयक के विरोध में बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए खाद्यान्न व्यापार बंद है. इसके विरोध में फल सब्जी मंडियों, राइस फ्लोर मिलरों समेत अन्य खाद्यान्न सेवाओं का भी समर्थन मिला. राज्य भर में बिल के विरोध में धरना प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया गया. वहीं, जमशेदपुर के व्यापारियों ने विरोध दर्ज करते हुए प्रदर्शन किया. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को ज्ञापन भी सौंपा. व्यापारियों के आंदोलन का नेतृत्व झारखंड चैंबर ऑफ कॉर्मस की ओर से किया जा रहा है. ऐसे में चैंबर के महासचिव डॉ अभिषेक रामाधीन ने बताया कि जमशेदपुर स्वास्थ्य मंत्री का विधायिकी क्षेत्र है. ऐसे में यहां के व्यापारियों ने मंत्री को ज्ञापन सौंपा है. हर जिलें में विधायिकी क्षेत्र में व्यापारी विधायकों को ज्ञापन सौंप रहे हैं. पिछले दिनों रांची के भी विधायकों को ज्ञापन सौंप कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की गयी थी. वहीं, इन्होंने बताया कि व्यापारियों की मांग है कि दो फीसदी कृषि शुल्क पूरी तरह से समाप्त किया जाय. इसकी जानकारी सरकार को दे दी गयी है. जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगा.

अन्य जिलों में किया गया प्रदर्शन

इस दौरान राजधानी रांची समेत अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के साथ ही दुकानें बदं रखी गयी. जिसमें पलामू, बोकारो, लातेहार, साहेबगंज, चतरा, कोडरमा समेत अन्य जिलों में प्रदर्शन सह धरना दिया गया. जानकारी हो कि खाद्यान्न व्यापार बंद होने के साथ ही आवाक भी बंद कर दी गयी है. जिससे खाद्यान्नों की ढुलाई, अनलोडिंग समेत सभी सेवाएं बंद कर दी गयी है.

महीने भर पहले दी गयी थी चेतावनी

चैंबर ऑफ कॉर्मस व्यापारियों के आंदोलन का नेतृत्व कर रही है. चैंबर की ओर से एक महीने पहले ही राज्य सरकार को खाद्यान्न सेवा बंद करने की चेतावनी दी गयी थी. इसके पहले चैंबर की ओर से नेताओं, अधिकारियों, राश्ट्रीय नेताओं समेत अन्य स्तर पर ज्ञापन सौंप विधेयक पर हस्तक्षेप की मांग की गयी. लेकिन सरकार की ओर से विधेयक को वापस नहीं लेने पर व्यापारियों ने आंदोलन शुरू किया.

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