
Giridih: शुक्रवार को राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन गिरिडीह में आयोजित कई कार्यक्रम में शामिल हुए. मधुबन के तमिलनाडु भवन के चंद्रप्रभा मंदिर में जहां धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया. इसके बाद पीरटांड़ प्रखंड के अतिनक्सल प्रभावित सिंहपुर गांव पहुंचे. हैरानी की बात तो यह रहा की जिस गांव में आज तक कभी कोई राजनीति दल के सांसद और विधायक नही गए. लेकिन उस गांव में शुक्रवार को राज्यपाल पहुंचे. लेकिन इसी गांव का जिक्र खुद पीएम मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में सिर्फ इसलिए किया था, क्योंकि इस गांव की महिलाएं बांस के कई सजावट के समान बनाती रही है. मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने इस गांव की वैसी महिलाओं की जमकर तारीफ की थी. लिहाजा, राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर आनन फानन में गांव तक जाने वाली सड़क को ठीक किया गया. इस दौरान सुरक्षा की भी बेहतर व्यवस्था की गई थी.

राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन के गांव पहुंचने पर उनका स्वागत ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ किया.राज्यपाल के साथ डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अमित रेनू, डुमरी एसडीएम प्रमेलता मुर्मू, एसडीपीओ मनोज महतो, डीएसपी संजय राणा और एसडीपीओ अनिल सिंह भी मौजूद थे. राज्यपाल ने अधिकारियों से सिंहपुर गांव की हालात का जायजा लिया.

पेयजल और बिजली आपूर्ति की जानकारी ग्रामीणों से ली. इस दौरान राज्यपाल का स्वागत के लिए इलाके की आदवासी महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से संथाली लोकगीत और नृत्य के साथ किया. सिंहपुर गांव के उत्कमित प्राथमिक स्कूल में बच्चो से मिलकर उन्हें मिल रहे शिक्षा की जानकारी ली.

इस दौरान राज्यपाल ने बच्चो से एबीसीडी और हिंदी वर्णमाला के अक्षर पूछे, लेकिन राज्यपाल के पूछने पर एक दो बच्चे ही सही से एबीसीडी और हिंदी वर्णमाला के अक्षर बता सके। इसके बाद राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने डीसी नमन और प्रोबेशनल आईएएस उत्कर्ष कुमार से बच्चो के बीच बैठ कर फोटो सेशन कराया और उनके बीच अलग अलग क्वालिटी के टॉफी का वितरण किया.

मौके पर राज्यपाल ने डीसी को निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में पूरे स्कूल सह बांस हस्तशिल्पकला केंद्र का चारदीवारी का निर्माण कराया जाए. स्कूल और हस्तशिल्पकला केंद्र के साथ आंगनबाड़ी केन्द्र भी संचालित है. ऐसे में सुरक्षा के नजरिए से यह बेहद जरूरी है. इसके बाद राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन आंगनबाड़ी केन्द्र घुसे, और नन्हे बच्चों से बात किया। बच्चो से इस दौरान राज्यपाल ने पूछा भी आज उन्हे खाना में क्या मिला, लेकिन राज्यपाल के पूछने पर बच्चो द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया. इस पर राज्यपाल खासे नाराज हुए.

राज्यपाल ने आंगनबाड़ी की सुपरवाइजर से पूछा तो सुपरवाइजर ने सारे पौष्टिक आहार मिलने के दावा की। लेकिन राज्यपाल ने हालात को बेहतर करने का निर्देश दिया. इस आंगनबाड़ी में भी राज्यपाल ने नन्हे बच्चों के बीच टाफी का वितरण किया. इसके बाद राज्यपाल सारे अधिकारियों के साथ हस्तशिल्प कला केंद्र गए, जहा बांस के बने घरेलू उत्पाद को देखा. मौके पर राज्यपाल ने सिंहपुर गांव के कई लाभुको के बीच अलग अलग योजनाओं से पंप सेट के साथ खेती के लिए कृषि ऋण का वितरण किया. जेएसएलपीएस से महिलाओं के बीच भी चूज़ा का वितरण किया.
ग्रामीणों से संवाद कायम करते हुए राज्यपाल सीपी राधा कृष्णन ने कहा की गांव हो या शहर, भारत एक है। और हम सबों को अपना एकजुटता बनाएं रखना है। क्योंकि ये एकजुटता रहेगा तो केंद्र हो या राज्य सरकार की योजना का लाभ हर एक ग्रामीण उठा सकते है। राज्यपाल ने केंद्र सरकार के उज्ज्वाला योजना, आयुष्मान भारत योजना और नल से जल का जिक्र करते हुए कहा की सिंहपुर को सिंगापुर बनाने के लिए हम में से हर किसी को मेहनत करना होगा। और पूरे पांच साल झारखंड में रहेंगे, तो दूसरा बार जब वो आए तो इसका विकास वो देखना चाहते है। हालाकि संवाद कायम करने के क्रम में कई ग्रामीणों ने शिकायत भी किया हस्तशिल्प कला केंद्र कई कई दिनों तक नही खुलता। तो कई ग्रामीणों ने इलाके में डिग्री कॉलेज खोलने का प्रस्ताव रखा। जबकि कुछ कुछ ग्रामीणों ने अनाज नही मिलने की बात कही। तो इलाके के मुखिया निर्मल तुरी ने सिंहपुर गांव के स्कूल में टीचर नही होने के कारण पढ़ाई में हो रहे परेशानी को बताया.




