
Dhanbad : रेलवे के निजीकरण के खिलाफ एआईआरएफ के आह्वान पर ईसीआरकेयू ने धनबाद रेलवे स्टेशन के बाहर बुधवार को जम कर प्रदर्शन किया.
सदस्यों ने रेलवे बोर्ड द्वारा प्रमुख ट्रेनों के परिचालन के लिए निजी ऑपरेटर को अनुमति देने के निर्णय का विरोध किया. कार्यक्रम का नेतृत्व अपर महामंत्री डीके पांडेय और केंद्रीय कोषाध्यक्ष मो ज्याउद्दीन ने किया.
कार्यक्रम में धनबाद प्रक्षेत्र के ईसीआरकेयू की सभी शाखाओं के युवा, सक्रिय तथा महिला रेलकर्मियों ने बड़ी संख्या ने भाग लिया.
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अपने फायदे के लिए तत्पर रहेंगे निजी ऑपरेटर
इससे पहले हिल कॉलोनी, स्थित यूनियन ऑफिस से एक जुलूस निकाल कर स्टेशन पहुंचा. यहां पर एक सभा का आयोजन किया गया.
सभा को संबोधित करते हुए डीके पांडेय ने उपस्थित रेलकर्मियों को बताया कि 4 अक्तूबर को आइआरसीटीसी (निगम) द्वारा तेजस एक्सप्रेस चलाये जाने के विरोध में हम सभी ने पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन किया था.
अभी तक रेलवे आम यात्रियों की सेवा के प्रति समर्पित रहता था लेकिन अब ये निजी ऑपरेटर अपने फायदे के लिए तत्पर रहेंगे.
आम जनता को भी इसके लिए सजग रहने की जरूरत है और सरकार को भी इस नीति का विरोध करने के लिए आगे आना होगा.
जरूरत पड़ी तो करेंगे चक्का जाम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीके पांडेय ने कहा कि रेलवे के निजीकरण के खिलाफ रेलवे में काफी आक्रोश है. सैकड़ों ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है.
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इसके लिए कई कारपोरेट घरानों से बात चल रही है. उन्होंने कहा कि रेलवे लोगों का है और रेल कर्मियों का है. इसलिए हमलोग रेलवे के निजीकरण के खिलाफ हैं.
उन्होंने कहा कि जब भी हमलोग आंदोलन करते हैं तो रेलवे द्वारा आश्वासन दिया जाता है और आंदोलन बंद हो जाता है. जबकि सरकार रोज नये-नये फैसले कर रेलवे को बेचने की तैयारी में है.
हमलोग इसके खिलाफ आंदोलन करते रहेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो हमलोग अपनी मांगों को लेकर रेलवे का चक्का जाम भी करेंगे. लेकिन रेलवे को निजी हाथों में सौंपने नहीं देंगे.
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