
Ranchi: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को फंड मुहैया कराने के मामले पर सरकार की ओर से दायर जवाब पर हाईकोर्ट ने असंतोष जताया है. कोर्ट ने कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है. सरकार पिछली बातों को ही दोहरा रही है. अदालत ने सरकार से यह बताने को कहा था कि लॉ यूनिवर्सिटी को चलाने के लिए फंड की जरूरत है, लेकिन सरकार उसे फंड नहीं दे रही है.
इसे भी पढ़ेंःRanchi News: पेट्स का नहीं कराया रजिस्ट्रेशन तो मालिक को लगेगा जुर्माना, पेट्स पर भी टैक्स वसूलेगा निगम
गुरुवार को सरकार की ओर से हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए कहा गया कि एनएलयू की स्थापना के समय जो सहमति बनी थी उसके सरकार को एकमुश्त 50 करोड़ ही रुपये देने थे. सरकार अब तक 54 करोड़ रुपये दे चुकी है. अब इसे सरकार की ओर से राशि नहीं दी जा सकती, क्योंकि यह स्वपोषित विश्वविद्यालय है. इस जवाब से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और सरकार को नौ सितंबर तक नया शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है.
इसे भी पढ़ेंःनीलकंठ सिंह मुंडा का नाम नेता प्रतिपक्ष के लिए आगे करने और शराब नीति पर बंटी बीजेपी, केंद्रीय नेतृत्व ने चेताया
फंड देने का आग्रह किया था
एनएलयू के फंड देने के लिए बार एसोसिएशन ने याचिका दायर की है. इसमें कहा गया है कि लॉ यूनिवर्सिटी को सरकार की ओर से फंड नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में इसके संचालन में मुश्किल आ रही है. शिक्षकों को वेतन देने में भी मुश्किल आ रही है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि फंड के लिए यूनिवर्सिटी के कुलपति संबंधित विभाग के सचिव और अन्य अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं, इसके बाद भी सहायता नहीं मिल रही है.




