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Dhanbad : निरसा के कापासारा में हादसे के बाद जांच को पहुंची प्रशासनिक टीम

Dhanbad: ईसीएल मुगमा क्षेत्र की कापासारा आउटसोर्सिंग परियोजना में सोमवार की शाम हुए हादसे में चाल धंसने से तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं. मंगलवार को एग्यारकुंड प्रखंड की सीओ अमृता कुमारी, एसडीपीओ पीतांबर सिंह खेरवार, निरसा थाना प्रभारी दिलीप यादव, ईसीएल कापासारा के सहायक प्रबंधक समीर अंसारी व ईसीएल सुरक्षा अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया.

घटना के संबंध में सीओ व एसडीपीओ ने ईसीएल सुरक्षा अधिकारी और कापासारा सहायक प्रबंधक से जानकारी ली. साथ ही सीओ ने सहायक प्रबंधक व ईसीएल सुरक्षा अधिकारी को लिखित रिपोर्ट एसडीओ को देने का निर्देश दिया.

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जनवरी 2019 से ले 09 मई 2022 तक 24 लोगों की हो चुकी है मौत

यहां बता दें कि इस हादसे को मानने से पहले पुलिस इन्का2र करती रही थी. वहीं घटना के अगले ही दिन उसकी जांच को पूरा प्रशासनिक अमला पहुंचा. उल्लेखनीय है कि वैसे तो खदान में होनेवाली मौतों का कई बार पता तक नहीं चल पाता, लेकिन प्रकाश में आए मामलों के अनुसार, कापासारा आउटसोर्सिंग परियोजना में जनवरी 2019 से लेकर 09 मई 2022 तक 24 मौतें हुई हैं, जबकि 16 लोग घायल हो चुके हैं.

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एक फरवरी 2022 को भी हुई थी 3 लोगों की मौत

एक फरवरी 2022 को भी कापासारा आउटसोर्सिंग में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी. उस मामले को लेकर दो फरवरी को उपायुक्त ने कापासारा आउटसोर्सिंग परियोजना में अवैध उत्खनन स्थल निरीक्षण किया था.

उस दौरान इन्होंने इसीएल मुगमा महाप्रबंधक बीसी सिंह को सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने की बात कही थी, ताकि परियोजना में बाहरी लोगों का प्रवेश न हो. उसके बावजूद सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया, जिसका नतीजा है कि एक बार फिर कोयला काटने में तीन लोगों की मौत हो गई.

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आउटसोर्सिंग प्रबंधन सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करे

मंगलवार को घटनास्थल मुआयना के बाद सीओ व एसडीपीओ ने कहा कि आउटसोर्सिंग प्रबंधन यदि परियोजना चलाना चाहता है तो सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करे, अन्यथा खदान के अवैध मुहाने की भराई अच्छी तरह से कराकर बंद कर दे.

ईसीएल के सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा के लिए होमगार्ड जवानों की मांग जिला प्रशासन से की गई है, लेकिन अबतक जवान उपलब्धए नहीं कराए गए हैं.

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खदान में प्रवेश नहीं करने की चेतावनी जारी

मंगलवार को ईसीएल प्रबंधन व स्थानीय प्रशासन ने परियोजना से लेकर मुगमा मोड़, बिहार बंगाल आदि क्षेत्रों में माइक से उद्घोषणा कर परियोजना के इर्द-गिर्द व खदान में प्रवेश नहीं करने की चेतावनी जारी कराई है. कहा गया कि यदि खदान के अंदर कोयला उत्खनन करते पकड़े गए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. माइकिंग के बाद कोयला उत्खनन करने के लिए एक भी मजदूर खदान में नहीं उतरा है. इससे अवैध उत्खनन स्थल पर सन्नाउटा पसरा हुआ है.

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