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चंदनक्यारी में होने वाले इस रोमांचकारी पॉलिटिकल मैच में आजसू के उमाकांत रजक ने टॉस जीता

Divy Khare

Bokaro: चंदनक्यारी हॉट सीट में जहां एक ओर आजसू द्वारा पूर्व विधायक उमाकांत रजक के नाम की घोषणा के साथ उनके कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी, वहीं दूसरी ओर भाजपा खेमे में सन्नाटा सा छा गया.

यहां के लोगों की माने तो भाजपा और आजसू के बीच का गठबंधन जो झारखंड में कई वर्षों से चला आ रहा था वह चंदनक्यारी मे ध्वस्त हो गया.

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आजसू ने रजक के नाम की घोषणा कर गठबंधन पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया

चर्चा यह भी है की भाजपा विधायक अमर बावरी भी चुपचाप नहीं बैठेंगे. भाजपा समर्थक दिनभर से इस इंतजार में थे कि आज पार्टी अपनी दूसरी लिस्ट में अमर बावरी को चंदनक्यारी का प्रत्याशी जरूर घोषित करेगी, पर हुआ उल्टा. शाम को आजसू ने रजक के नाम की घोषणा कर गठबंधन पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया.

चर्चा का बाजार चंदनक्यारी में गर्म है, कुछ लोग कह रहे हैं कि अमर बावरी को कहीं और से टिकट दिया जायेगा, वहीं पार्टी के कैडरों की माने तो बावरी भी चंदनक्यारी से ही लड़ेंगे. धनबाद सांसद पीएन सिंह भी अमर बावरी के पक्ष में पार्टी आलाकमान से चंदनक्यारी की सीट देने की गुजारिश कर चुके हैं.

बावरी और रजक के बीच सीट को लेकर चल रही राजनीतिक द्वंद अब वर्चस्व की लड़ाई का रूप ले चुकी है. बात अब पार्टी लेवल से ऊपर उठकर प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा की हो गयी है. ऐसी स्थिति में देखना अब यह है कि भाजपा क्या करने वाली है और बावरी क्या सोच रहे हैं.

उमाकांत पहले से ही गठबंधन को दरकिनार कर चल रहे हैं. आजसू द्वारा सीट की घोषणा के एक दिन पहले ही रविवार को उमाकांत रजक ने हजारों कार्यकर्ताओं को बुलाकर उनके साथ मीटिंग कर 22 नवंबर को नामांकन करने की घोषणा कर दी थी.

उन्होंने पत्रकारों से कह दिया था कि चंदनक्यारी से आजसू चुनाव लड़ेगी. कुछ हफ्ते पहले आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने चूल्हा सम्मेलन कर उमाकांत रजक को प्रत्याशी होने का इशारा कर दिया था.

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उमाकांत रजक बोले- पार्टी के विश्वास पर खरा उतरेंगे

उमाकांत रजक ने कहा कि पार्टी ने उनपर विश्वास किया है और वह इस विश्वास पर खरे उतरेंगे. 2009 विधानसभा चुनाव की भांति इस बार भी चंदनक्यारी मे आजसू की ही जीत होगी. गठबंधन के विषय में वह बोलने से बचते रहे.

रजक ने कहा कि मंगलवार को पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो प्रेस वार्ता कर गठबंधन के विषय में अपने विचार रखेंगे. उन्होंने कहा मैं लड़ रहा हूं मुझे इतना ही पता है. चंदनक्यारी आजसू की ट्रेडिशनल सीट है 2009 और 2014 विधानसभा चुनाव में आजसू ही एनडीए का चेहरा थी.

आजसू के 11 सीटों की घोषणा के बाद चंदनक्यारी में राजनीतिक फिजा बदल गयी है. चंदनक्यारी सीट मे भाजपा और आजसू के टकराव का विश्लेषण लोग अपने-अपने तरीके से कर रहे हैं.

टकराव की ये स्थिति भाजपा और आजसू के बीच बनी रहेगी या घटेगी यह तो अब भाजपा के जारी किये जाने वाले लिस्ट में बावरी का नाम होना या ना होना ही बतायेगा.

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