
Giridih : लॉकडाउन के बाद शहर से लेकर ग्रामीण इलाके के लोगों को होम डिलीवरी की सुविधा ने परेशानी तो घटा दी है. लेकिन महामारी कोरोना को लेकर किए गए लॉकडाउन के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए जिस मास्क और सैनेटाइजर की जरुरत है, उसे लेकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में हाहाकार मचा हुआ है.
लोगों को मास्क और सेनेटाइजर मिल ही नहीं रहे हैं. फिर लोग खुद को जानलेवा कोरोना से सुरक्षित कैसे करें, यह अपने आप में बड़ा सवाल है?
इसी सप्ताह ड्रग निरीक्षक ने किया था दावा
सप्ताह दिन पहले डीसी राहुल सिन्हा के साथ बैठक के दौरान ड्रग निरीक्षक अमित कुमार ने दावा किया था कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक में मास्क और सेनेटाइजर के अलावे जीवन रक्षक दवाइयों का पर्याप्त भंडार है.
शनिवार को हकीकत से अवगत होने के क्रम में शहर और पचंबा की महज छह दुकानों में चंद मास्क मौजूद होने की बात सामने आई. अधिकांश दुकानों में मास्क और सेनेटाइजर की भारी किल्लत दिखी. ग्राहक मास्क और सेनेटाइजर लेने पहुंच रहे थे, तो उन्हें लौटना पड़ रहा था.
जिन दुकानों में मास्क थे, वहां खूब कालाबाजारी हो रही थी. प्रति मास्क 100 सौ से डेढ़ सौ रुपये में खुले आम बेचा जा रहा था. शनिवार को ही पचंबा के एक युवक अभय गुप्ता ने एक मेडिकल दुकान से मास्क की खरीदारी की. इस दौरान दुकानदार ने मास्क की कीमत 150 सौ रुपये ली.
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लोग रास्ते में ही उतार ले रहे गैस का सिलेंडर
इधर प्रशासन, चैंबर ऑफ कॉमर्स और गैस एजेंसियों के सहयोग से होम डिलीवरी हो रही है. इससे लोगों ने राहत महसूस किया है. प्रशासन के निर्देश पर पचंबा और शहर में कुल 24 दुकानों को होम डिलीवरी के लिए चयनित किया गया है. वहीं दो प्रमुख गैस एजेंसियों से होम डिलीवरी की जा रही है.
लेकिन ग्राहकों द्वारा आटा का आर्डर सबसे अधिक दिया जा रहा है. जबकि शनिवार सुबह तक चयनित होम डिलीवरी की दुकानों के साथ शहर के कई दुकानों में आटा का स्टॉक खत्म होने की बात कही गई.
इधर सिलेंडर की होम डिलीवरी करने वाले एजेंसी संचालक जैन गैस और गिरिडीह इंडेन सर्विस की परेशानी सिर्फ इसलिए बढ़ गई है क्योंकि दोनों एजेंसी संचालक ग्राहकों के फोन रिसिव कर बुंकिग तो कर रहे है.
फिर जब गैस डिलीवरी करने जाते हैं, उसे रास्ते में ही दूसरे लोग जबरन उतार ले रहे हैं. इसलिए दोनों एजेंसी संचालकों के के साथ उपभोक्ताओं का विवाद भी हर रोज देखने को मिल रहा है.
दूर की गयी बेबी फूड की कमी
शनिवार को मेडिकल और जेनरल स्टोर के दुकानों से बेबी फूड के आइटम सैरेलेक, बेबीनेप्रो समेत अन्य आइटम मिलने बंद हो गए थे. इस दौरान जब एजेंसी के सैंकी सिंह ने बताया कि शुक्रवार तक डिलीवरी पास नहीं मिला था.
जिसके कारण स्टॉक नहीं पहुंचा रहे थे. शनिवार की सुबह डिलीवरी पास निर्गत होने के बाद शहर की छह दुकानों में बेबी फूड उपलब्ध करा दिए गए है.
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