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दीपक प्रकाश ने विधानसभा में मंदिर और सरना स्थल के लिए भी मांगा स्थान

Ranchi : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने विधानसभा परिसर में मंदिर और सरना स्थल के लिए भी जगह आवंटित किये जाने की मांग की है. वे इन दिनों संथालपरगना के सात दिवसीय सांगठनिक प्रवास पर हैं. दुमका में सोमवार को उन्होंने ज़िला भाजपा द्वारा आयोजित धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश एक काला आदेश है. संविधान की शपथ लेने वाले विस अध्यक्ष ने नैतिकता खो दी है. एक विशेष सम्प्रदाय को खुश करने के लिए इबादत की छूट तुष्टिकरण की राजनीति को इंगित करती है.

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भाजपा सर्व धर्म सम्भाव पर विश्वास रखती है. तुष्टिकरण की राजनीति पार्टी कभी बर्दास्त नहीं करेगी. विस भवन में मंदिर, सरना स्थल व अन्य धर्मों के लिए भी स्थल दिया जाये.

नियोजन नीति के मामले में भी हेमन्त सरकार ने हिंदी, संस्कृत को हटा कर उर्दू को जोड़ रखा है. यह तुष्टीकरण की राजनीति का द्योतक है.

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जोड़ने के बजाय तोड़ने की राजनीति

इधर रांची (बुढ़मू मंडल) के धरना कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह एवं प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने भी सरकार पर हमला बोला. धर्मपाल सिंह ने कहा कि पार्टी तुष्टिकरण के मुद्दे पर संघर्ष कर रही है.

पार्टी की सभी इकाइयों ने पूरे झारखंड में सरकार की अलोकतांत्रिक निर्णय के खिलाफ आंदोलन फूंक दिया है. सदन में विधायक और सदन के बाहर पार्टी कार्यकर्ता सरकार के तुष्टिकरण का विरोध कर रहे हैं. भाजपा कार्यकर्ता अब तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति को बर्दाश्त नही करेंगे. भाजपा जोड़ने में विश्वास रखती है, तोड़ने में नहीं.

आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही है. विधानसभा राज्य की सर्वोच्च पंचायत है, लोकतंत्र का मंदिर है जिसे हेमंत सरकार तुष्टिकरण का केंद्र बना रही.

राज्य सरकार के इशारे पर विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा सचिवालय में नमाज पढ़ने के लिए कमरे को आवंटित किया है. यह पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक निर्णय है. इसे यथाशीघ्र वापस लें अन्यथा सभी धर्मों के लिए स्थान आवंटित करें.

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