
Dharmendra Pathak
Chatra: झारखंड के चतरा जिले में धर्म परिवर्तन से इनकार करने वाले युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. उसका शव एक कुएं में पड़ा मिला. धर्म के नाम पर अंधविश्वास का आलम यह रहा कि शव पर बाइबिल रखकर रात भर उसे जिंदा करने के लिए प्रार्थना भी की गयी.
मामला वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के पन्नाटांड़ रविदास टोला का है. मृतक सूरज रविदास गांव के ही कैलाश रविदास का बेटा था. उसके परिवार के कई सदस्यों ने हिन्दू धर्म छोड़ इसाई धर्म अपना लिया था लेकिन उसने धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया था और वह बाकी लोगों के भी धर्मपरिवर्तन का विरोध कर रहा था. इस पर धर्मपरिवर्तन कराने वालों ने उसे पागल घोषित कर दिया था. इसी बीच शुक्रवार शाम सूरज का शव कुएं में पड़ा हुआ मिला.
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स्थानीय चिकित्सक ने जब सूरज कुमार दास को मृत घोषित कर दिया तो ईसाई धर्म से जुड़ी स्थानीय महिलाओं ने उसे 24 घंटे के अंदर जीवित करने का दावा करते हुए मृतक के शव पर बाइबिल रखकर रात भर प्रभु यीशु की प्रार्थना की.
धर्म परिवर्तन से इनकार करने के बाद पागल घोषित किये जाने और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं. मामले को लेकर थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि सभी धर्मों के लोगों को धर्म का प्रचार करने का अधिकार है इसलिए उसे रोका नहीं जा सकता. इस मामले में मौत के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है.
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क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी है धर्म परिवर्तन
रविदास टोले में 12 घरों के बीच 100 से 110 की आबादी है. गरीबी और अन्य कारणों से लोग ईसाई धर्म के नजदीक जा रहे हैं. सूरज इसी बात का विरोध करता था. वह परिजनों के व्यवहार से काफी आहत था.
सूरज के रिश्ते में दादा लगने वाले कैलाश दास ने कहा कि क्षेत्र में धर्मांतरण अपना पैर जमा रहा है. कुछ स्थानीय युवक प्रलोभन में आकर भोले-भाले और सीधे परिवारों को अपना शिकार बना रहे हैं. उन्होंने आस-पास के कुछ ऐसे लोगों के नाम बताये जो पादरियों के संपर्क में हैं और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
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