
Ranchi: न्यूज विंग में #JharkhandElection: CRPF का आरोप, कहा- जवानों के साथ किया ‘जानवरों जैसा बर्ताव’ शीर्षक खबर छपने के बाद झारखंड पुलिस हरकत में आयी है. पुख्ता सूत्रों के मुताबिक पुलिस हेडक्वार्टर की तरफ से रांची और बोकारो पुलिस से मामले के बारे में पूछा गया.
दरअसल सीआऱपीएफ ने रांची पुलिस पर आरोप लगाया था कि खेलगांव में जहां उन्हें ठहराया गया था, वहां साफ पानी की व्यवस्था नहीं थी. इस वजह से उनके जवान खाना नहीं बना पाये. रात में सिर्फ खिचड़ी पर ही गुजारा करना पड़ा, उसमें भी आधे जवान भूखे ही रहे.
वहीं बोकारो पुलिस पर यह आरोप लगाया गया कि बोकारो पुलिस की तरफ से जिस अधिकारी को उनके साथ रखा गया था. उन्हें न रास्ते की जानकारी थी और न ही सही तरीके से सीआरपीएफ को कोऑपरेट कर पा रहे थे.
इसके बाद बोकारो और रांची पुलिस की तरफ से एक रिपोर्ट मांगी गयी. रिपोर्ट में रांची और बोकारो पुलिस दोनों ने आरोपों को नकार दिया है.
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क्या कहा रांची पुलिस ने
रांची पुलिस की तरफ से रांची के एसएसपी और एसपी ने रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीआरपीएफ की एक कंपनी रात को करीब 11 बजे खेलगांव परिसर पहुंची. उन्होंने सिटी एसपी से संपर्क किया. सिटी एसपी ने डीएसपी सदर को कंपनी की देखभाल के लिए कहा. कहा कि किसी तरह की परेशानी होने पर उनसे फौरन संपर्क किया जाये.
रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके रहने का इंतजाम करने के साथ उनके लिए तीन वाटर टैंकर पानी की भी व्यवस्था की गयी. साथ ही एक वाटर केनन का भी इंतजाम किया गया. शौचालय का इंतजाम ठीक था और साथ ही बिजली को लेकर भी कोई समस्या नहीं थी.
कंपनी के कमांडर के लिए अलग से एक होटल में व्यवस्था की गयी थी. रिपोर्ट में कहा गया कि जब कंपनी कमांडर से पूछा गया कि पुलिस के अधिकारी बता रहे हैं कि पानी की व्यवस्था थी, फिर आपने शिकायत क्यों की तो उन्होंने कहा कि पानी की व्यवस्था तो थी लेकिन वेटर केनन में. जिससे साधारण तौर पर मिट्टी को पटाने का काम किया जाता है.
इस बाबत पुलिस के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वटर केनन में जो पानी है वो साफ और पीने योग्य पानी है. इस पर कंपनी कमांडर ने कहा कि उन्होंने पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं की थी. जब उनसे पूछा गया कि आपको किसी बात से तकलीफ थी तो आपने सिटी एसपी को फोन क्यों नहीं किया. उनका जवाब था कि ज्यादा रात हो जाने की वजह से उन्होंने फोन नहीं किया.
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि सीआरपीएफ के आइजी रैंक के अधिकारी रांची में ही ठहरे हुए हैं. लेकिन परेशानी होने पर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने उन्हें कॉल नहीं किया और न ही हेडक्वार्टर में किसी से संपर्क किया.
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क्या है बोकारो पुलिस की रिपोर्ट में
सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बोकारो पुलिस पर आरोप लगाया था कि जिस अधिकारी को उनके साथ भेजा गया था, उन्हें रास्ते का भी ज्ञान नहीं था. इस पर बोकारो पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा कारणों की वजह से पहले से तय किया गया रास्ता आखिरी समय में बदला गया. शुरुआत में रास्ते को लेकर कुछ पेरशानी आयी थी. लेकिन बाद में जिला नोडल अधिकारी से बात कर उसे सुधार लिया गया. जिससे कंपनी समय पर बिना किसी परेशानी के गंतव्य स्थान पर सुरक्षित पहुंच पायी. रिपोर्ट में कहा गया है कि बोकारो एसपी को खुद कंपनी कमांडर ने कहा था कि रहने की जो व्यवस्था थी वो काफी अच्छी थी. रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि जो भी परेशानी हुई वो सही समय पर कंपनी कमांडर के पुलिस की तरफ से उनके लिए रखे गये अधिकारी से बात नहीं करने की वजह से हुई. कहा गया कि सही समय पर कंपनी की तरफ से परेशानियों को नहीं बताया गया.
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