
Chakradharpur: चक्रधरपुर के वर्षों पुराने पुल निमार्ण के सपना पर ग्रहण लग सकता है, इसका कारण भाकपा माओवादी नक्सली और पीएलएफआई नक्सली द्वारा पर्चा देकर लेवी की मांग की है. इसके बाद से क्षेत्र में दहशत है. मिली जानकारी के अनुसार चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के जारकी गांव के समीप चक्रधरपुर और बदंगांव प्रखंड को जोड़ने के लिए वर्षों से एक पुल की मांग की जा रही थी. ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पुल का निर्माण का ठेका चंदेल कंस्ट्रक्शन को मिला. पुल का निर्माण कार्य काफी तेजी से हो रहा था लेकिन गत 21 अप्रैल को भाकपा माओवादी संगठन के हथियारबंद उग्रवादियों ने पुल निर्माण स्थल पर पहुंच वहां कार्य कर रहे मजदूरों को धमकाया और लेवी के रूप में पूरी योजना का 10% कमीशन देने की मांग से संबंधित पत्र देकर चले गए. उग्रवादियों ने लेवी नहीं देने पर काम बंद करने की भी धमकी दी. इस घटना के बाद से काम करने वाले कर्मचारियों में दहशत है.
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23 अप्रैल को PLFI ने मांगी रंगदारी
माओवादियों द्वारा लेवी मांगे जाने की घटना को 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि 23 अप्रैल को पीएलएफआई नक्सली संगठन के लोगों ने कार्यस्थल पर पहुंच संगठन के नाम पर पर्चा देकर लेवी की मांग की. पर्चा में कहा गया कि पहले पैसा जमा करो फिर काम करो, साथ ही यह भी धमकी दी गई कि अगर पुलिस व पत्रकार को सूचना दी तो अंजाम बुरा होगा. इसमें लेवी देने के लिए नक्सली पर्चे में फोन नबंर भी लिखा गया था. इस घटना के बाद से पुल निर्माण का काम बंद है. मजदूरों में दहशत ऐसी कि बाहर के मजदूर काम छोड़ कर वापस चले गए हैं जबकि कुछ स्थानीय मजदूरों के द्वारा पुल का निर्माण का कार्य किया जा रहा है. कहा यह भी जा रहा है कि ठेका कंपनी की ओर से अब तक पुलिस को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है.
मामले की छानबीन कर रही पुलिस
हालांकि मामले की सूचना मिलने के बाद चक्रधरपुर थाना प्रभारी चंदशेखर दलबल के साथ पुल निर्माण स्थल पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की. थाना प्रभारी वहां काम करने वाले मुंशी व मजदूरों सेे पूछताछ कर चुके हैं. पुलिस का कहना है की नक्सलियों के नाम पर कोई शरारती तत्वों का काम हो सकता है क्योंकि इस क्षेत्र में कोई नक्सली संगठन सक्रिय नहीं है. वहीं साइट इंचार्ज का कहना है कि कुछ लोग आए थे जो पर्चा देकर गए हैं. हमें यह पर्चा फर्जी लग रहा है. इधर चक्रधरपुर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि इस संबंध में सूचना मिली है लेकिन ठेकेदार द्वारा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया मामले की जांच पड़ताल किया जा रहा है.




