
Ranchi: रांची सदर हॉस्पिटल में कोविड मैनेजमेंट पूरी तरह अस्त-व्यस्त होकर रह गया है. लचर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते मरीजों के साथ डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मी भी नाराज हैं. डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार करने से लेकर उनकी तैनाती तक में जबर्दस्त गड़बड़ियां हो रही हैं.
डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि न तो उनकी सुरक्षा की चिंता किसी को है, न उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिल पा रही हैं. सदर हॉस्पिटल की प्रशासनिक व्यवस्था जिन अधिकारियों के हाथों में हैं, वे अव्यावहारिक फरमान जारी कर रहे हैं. प्रशासन के अफसर समय पर पहल करते तो सदर हॉस्पिटल में बीते हफ्ते हुई नर्सेज की हड़ताल भी रोकी जा सकती थी.
ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया. हॉस्पिटल के टीबी डिपार्टमेंट में कार्यरत डॉ रजनी को दिन 11.35 बजे आदेश मिला कि उनकी ड्यूटी दिन 12 बजे से कोविड वार्ड में लगायी गयी है.
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इस ड्यूटी रोस्टर के अनुसार मात्र 25 मिनट के भीतर कोविड वार्ड में योगदान करने का आदेश पाकर वह हतप्रभ थीं. इस वार्ड में ड्यूटी के लिए न तो एहतियाती तौर पर उन्हें पर्याप्त वक्त मिला, न ही उन्हें यह बताया गया था कि ड्यूटी के बाद वह कहां क्वारैंटाइन होंगी.
उनका कहना है कि डॉक्टर हैं तो जरूरत के अनुसार कहीं भी ड्यूटी को तैयार हैं, लेकिन अचानक से इस तरह फरमान जारी होने से परिवार तक को सूचित करने और एहतियाती उपाय करने का वक्त नहीं दिया जाना अमानवीय है.
सदर हॉस्पिटल के उपाधीक्षक भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं होते. कई अन्य डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों की भी ऐसी ही शिकायत है. हॉस्पिटल में संसाधनहीनता के चलते मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टरों पर उतर रहा है.
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