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SC-ST एक्ट के दो मामलों में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को अदालत ने बरी किया

Ranchi. झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को एससी-एसटी एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में अदालत से बड़ी राहत मिली है। रांची के अपर न्यायाधीश अष्टम विशाल श्रीवास्तव ने दोनों मामलों में सुनवाई के बाद उन्हें बरी करने का आदेश दिया है। दोनों मामले हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के थे।
पहला मामला बड़कागांव थाने में (कांड संख्या 167/2018) तत्कालीन थाना प्रभारी परमानंद मेहरा ने दर्ज कराया था। आरोप के अनुसार 16 अक्टूबर 18 को योगेंद्र साव ने फोन पर उन्हें जातिबोधक गाली देते हुए उनके द्वारा जब्त हाइवा और जेसीबी को छोड़ने के लिए कहा था। न्यायधीश ने दोनों पक्षो को सुनने के उपरांत योगेंद्र साव को रिहा करने का आदेश दिया।

दूसरा मामला भी बड़कागांव थाने का था। कांड संख्या 39/2019 के तहत दर्ज प्राथमिकी में शिकायतकर्ता बालेश्वर राम ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर फोन पर धमकी देने और और आजसू छोड़कर तेली समाज के साथ आने और नहीं समझने पर उड़ा देने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात योगेंद्र साव को रिहा करने का आदेश दिया।
इन दोनों मामलों में अभियुक्त पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की ओर से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अवनीश रंजन मिश्र और अधिवक्ता विमल कुमार ने पैरवी की।

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