
Ranchi : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार 31 मार्च को बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया. एलके आडवाणी को यह सम्मान उनके दिल्ली स्थित आवास में दिया गया. इस दौरान उनके सबसे प्रिय शिष्य पीएम मोदी भी मौजूद थे लेकिन इस सम्मान कार्यक्रम पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने आपत्ति जतायी है. उनका आरोप है कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति का अपमान किया है. वहीं जेएमएम का कहना है कि जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एलके आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित कर रही थीं तब, पीएम मोदी अपनी सीट पर बैठे हुए थे.
संसद भवन के उद्घाटन और भूमि पूजन में राष्ट्रपति को क्यों नहीं किया गया शामिल: जेएमएम
संसद भवन के उद्घाटन और राम मंदिर के भूमि पूजन में राष्ट्रपति को नहीं ले जाया गया. क्योंकि राष्ट्रपति आदिवासी हैं. बीजेपी आदिवासी समुदाय का सम्मान तो करती नहीं है. कम से कम मोदी जी को राष्ट्रपति पद का सम्मान कर देना चाहिए.
चुनाव में जीत मिलेगी या नहीं इसका रिजल्ट 4 जून को आना है. लेकिन उससे पहले ही नरेंद्र मोदी तीसरी बार पीएम बन चुके हैं. राष्ट्रपति के सम्मान में खड़ा नहीं होना यह राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान है. भारत रत्न राष्ट्र का प्रतीक है.
दिल्ली के रामलीला मैदान का उत्साह सत्ता बदलने का संकेत: जेएमएम
रामलीला मैदान में लोगों का उत्साह था सत्ता बदलने के लिए, पूरे देश के लोग हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं. आप कितना भी आतंक का राज चला लें देश बदलाव के मूड में है. भारत रत्न से चौधरी चरण सिंह भी नवाजे गये और उन्हीं के बेटे को भरे मंच पर कैसे अपमानित किया गया. जिसे पूरा देश ने देखा है.
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