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कांग्रेस की नीयत पर भरोसा नहीं, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ नहीं जायेगी भाकपाः भुनेश्वर

  • पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता ने कहा- चार लाख से अधिक वोटों से भाजपा का जीतना संदेहास्पद
  • महागठबंधन में टिकट तय होने के बाद भी टिकट नहीं दिया गया, महागठबंधन में वामपंथी दल होते तो परिणाम कुछ और होता

Ranchi: लोकसभा चुनाव में भारी गड़बड़ी की गयी है. ईवीएम और वीवीपैट का सही से मिलान नहीं किया गया है. अगर देश भर में वीवीपैट और ईवीएम का सही से मिलान होता तो परिणाम कुछ और निकलते. उक्त बातें भाकपा के पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहीं. वह पार्टी कार्यालय में सोमवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ईवीएम में बहुत सारी गबड़ियां थीं. चुनाव आयोग को मतगणना के पूर्व ही ईवीएम की गड़बड़ी में सुधार करने को कहा गया था. इससे संबधित शिकायत किसी एक विपक्षी पार्टी ने नहीं बल्कि सभी दलों ने की थी. लेकिन इसके बावजूद चुनाव आयोग ने इस पर कार्रवाई नहीं की. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चुनाव आयोग ने देश में एक पार्टी के रूप में काम किया है. हजारीबाग बड़कागांव के एक बूथ की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी इस हद तक है कि इस बूथ में भाकपा को शून्य वोट मिले. जो संभव नहीं है.

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विधानसभा चुनाव में भाकपा कांग्रेस के साथ नहीं

कांग्रेस और महागठबंधन पर आरोप लगाते हुए भुनेश्वर मेहता ने कहा कि महागठबंधन में टिकट तय होने के बावजूद गठबंधन ने टिकट नहीं दिया. कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी को हजारीबाग से टिकट दिया. जबकि अगर महागठबंधन में वामपंथी दल को शामिल किया जाता, तो चुनाव परिणाम कुछ और ही होते. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के साथ भाकपा कोई भी गठबंधन नहीं करेगी. जिस तरह से इस चुनाव में कांग्रेस ने वामपंथ को छला है, उससे स्पष्ट है कि राज्य में भाकपा कांग्रेस के साथ नहीं जायेगी. ये पार्टी की स्पष्ट नीति है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीयत पर वामपंथी दलों को संदेह है. इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

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विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से

उन्होंने कहा कि चुनाव में तीन से चार लाख वोट से भाजपा का जीतना संदेहास्पद है. इससे प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं गड़बड़ियां हुई हैं. जब मतगणना के पूर्व ही चुनाव आयोग को ईवीएम संबधी सुधार करने की जानकारी दी गयी तो आयोग ने क्यों नहीं किया. चुनाव आयोग ने भाजपा के पक्ष में काम किया एवं जांच में भी कोई कार्रवाई नहीं की. चुनाव परिणामों की समीक्षा करने के लिए ही पार्टी की ओर से दो और तीन जून को राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलायी गयी है. वहीं विधानसभा चुनाव में किन सीटों पर पार्टी लड़ेगी, इसकी तैयारी भी अभी से की जायेगी.

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