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#Congress प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली से कार्यकर्ता नाराज! कह रहे, ‘हो रही नयी परम्परा की शुरुआत’

Ranchi : आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी और सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी जेएमएम ने जहां तैयारियों में जान फूंक दी है, वहीं झारखंड प्रदेश कांग्रेस में अदरूनी कलह कम होती नहीं दिख रही है.

कुछ दिन पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के खिलाफ वरिष्ठ नेताओं ने बगावती तेवर अपना कर पार्टी की छवि को अच्छा-खासा धूमिल किया था, इस बार नये प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की कार्यशैली को लेकर प्रदेश मुख्यालय में बैठने वाले कार्यकर्ता नाराज हो चले हैं.

ताजा मामला प्रदेश मीडिया प्रभारी पर नयी नियुक्ति को लेकर है. कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष के इस कदम के पीछे पार्टी के ही एक वरिष्ठ नेता के दबदबे को कम करना है. नाराजगी का एक अऩ्य कारण कार्यालय प्रभारी के पद पर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी है.

साफ है कि चुनाव के कुछ ही माह शेष है, लेकिन पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी भी कम नहीं हुई है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्य़क्ष के ऐसे कदम से प्रदेश मुख्यालय में नयी परम्परा की शुरूआत हो गयी है.

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प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति से उठा बवाल

कांग्रेस अध्य़क्ष ने गत गुरुवार (5 सितम्बर) को प्रदेश मीडिया प्रभारी के पद पर लोहरदगा में रहने वाले डॉ अजय शाहदेव की नियुक्ति का लिखित आदेश जारी किया था. इसके बाद से कार्यकर्ताओं, जिसमें कुछ प्रवक्ता भी शामिल है, की तरफ से नाराजगी जतायी जाने लगी.

इनका कहना है कि ऐसे प्रमुख पद पर बिना केंदीय नेतृत्व के निर्णय से नियुक्ति करना पार्टी परम्परा के विपरीत है. इनका कहना था कि प्रदेश मीडिया प्रभारी जैसे पद पर किसी की नियुक्ति करने और हटाने का जिम्मा केंद्रीय नेतृत्व के पास है.

आनन-फानन में इसकी जानकारी प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह तक पहुंच दी गयी. हालांकि नाराजगी को देखते हुए रामेश्वर उरांव ने तत्काल ही अपने आदेश को वापस ले लिया. लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोहरदगा के रहने वाले अजय शाहदेव, जिसे प्रदेश अध्य़क्ष का करीबी बताया जा रहा है, को प्रदेश मीडिया प्रभारी पर नियुक्त किया गया है.

कार्यकर्ताओं का कहना है कि अध्यक्ष का यह निर्णय स्थानीय नेता के एक दबदबे को कम करना है. बता दें कि प्रदेश मीडिया प्रभारी का जिम्मा अभी तक राजेश ठाकुर पर है. हालांकि हाल ही में उन्हें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.

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कार्यकारी अध्य़क्ष को कार्यालय प्रभारी बनाने पर भी नाराजगी

रामेश्वर उरांव से नाराजगी जताने का एक कारण कार्यालय प्रभारी पर कार्यकारी अध्य़क्ष की नियुक्ति को भी बताया जा रहा है.

प्रदेश मुख्यालय से कुछ दिन पहले ही पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इस्तीफा दिया था. उसके बाद अध्य़क्ष ने हाल ही में प्रदेश के कार्यकारी अध्य़क्ष बने केशव महतो कमलेश को अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया. इससे भी पार्टी कार्यकर्ताओं के नाराज होने की खबर है.

इनका कहना था कि प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एक अहम पद होता है. इसे ही कार्यालय प्रभारी का पद दिये जाने से कांग्रेस में एक गलत परम्परा की शुरूआत हो चली है.

दिल्ली भेजा गया है प्रस्ताव : रामेश्वर उरांव

इस पूरे मामले पर प्रदेश अध्य़क्ष रामेश्वर उरांव का कहना है कि प्रदेश मीडिया प्रभारी पर नियुक्ति का प्रस्ताव उन्होंने दिल्ली भेज दिया है. कार्यकर्ताओं में इससे नाराजगी के सवाल पर उनका कहना है कि उन्होंने अपना निर्णय वापस नहीं लिया है. बल्कि उस प्रस्ताव को दिल्ली आलाकमान के पास भेजा है. अब इसपर केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही अंतिम निर्णय लिया जायेगा.

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