
Dhanbad : हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) के सिंदरी यूरिया प्लांट में सिर्फ हवा-पानी और गैस से रोज 3850 मीट्रिक टन यूरिया बनेगी. फिलहाल प्लांट में लगभग 55 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो गया है.
निर्माण कार्य का पहला प्रोजेक्ट 128.90 मीटर ऊंचा प्रीलिंग टॉवर बनाना था जो तय सीमा से 30 दिन पहले पूरा कर लिया गया है. प्रीलिंग टावर निर्माण कार्य 7 मार्च 2019 को शुरु हुआ और इसे 4 मार्च 2019 को पूरा होना था. प्रीलिंग टॉवर निर्माण में 150 दिन का समय लगता है. लेकिन हर्ल के वरीय महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण के कुशल नेतृत्व में इस चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को निर्धारित समय से एक महीने पहले पूरा कर लिया गया. मालूम हो कि प्रीलिंग टॉवर का यूरिया उत्पादन में अहम योगदान होता है.
यह जानकारी शुक्रवार को एचयूआरएल के वरीय महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण ने मीडिया को दी. उन्होंने बताया कि फरवरी 2020 तक जीटीजी स्थापित होगा और अगस्त 2020 तक यूरिया उत्पादन का लक्ष्य पूरा कर लिया जायेगा.
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कई यूनिट निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य
एचयूआरएल के प्रशासनिक भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में मीडिया को संबोधित करते हुए एचयूआरएल महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रीलिंग टॉवर प्रोजेक्ट की तरह ही यूरिया प्लांट निर्माण के कई यूनिट जैसे कुलिंग टॉवर, सब-स्टेशन बिल्डिंग, स्विच गार्ड, रिफोर्मर, कैप्टिव पावर प्लांट, विद्युत उत्पादन के गैस आधारित टरबाईन एवं जेनरेटर (जीटीजी) इत्यादि को निर्धारित समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
उन्होंने प्रीलिंग टॉवर तय सीमा से पहले पूरा कर लेने पर निर्माण कार्य कर रही जापानी कंपनी टेक्निप, एफएमसी इंडिया लिमिटेड की टीम और सलाहकार कंपनी पीडीआइएल की टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है और निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने में मील का पत्थर भी.
उन्होंने बताया कि फ्रांस निर्मित टरबाइन इसी साल दिसंबर में सिंदरी हर्ल प्रबंधन को मिल जायेगा और जीटीजी का निर्माण कार्य मार्च 2020 तक पूरा कर लिया जायेगा.
कर्ण ने बताया कि 25-25 मेगावाट का दो जीटीजी स्थापित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में जुटी टीम निर्धारित समय मार्च 2020 से पहले फरवरी में ही जीटीजी स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त कर लेगा.
कर्ण ने जानकारी दी कि 5 हजार टन क्षमता वाले दो अमोनिया स्टोरेज टैंक का निर्माण कार्य शुरू है. अगले तीन महीने में अमोनिया स्टोरेज टैंक बनकर तैयार हो जायेगा.
जून 2020 तक पूरा हो जायेगा गैस पाइप लाइन बिछाने का काम
हर्ल के वरीय महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण ने जानकारी दी कि प्लांट में जरूरी गैस के लिए गेल के द्वारा जून 2020 तक गैस पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जायेगा.
उन्होंने कहा कि GAIL पाइपलाइन बिछाने का काम अक्टूबर 2020 तक पूरा करना चाहता था लेकिन सिंदरी हर्ल प्रबंधन के अनुरोध पर अब जून 2020 तक पूरा करने का भरोसा दिया है. नेचुरल गैस और नाइट्रोजन के रिएक्शन से अमोनिया का लिक्विड तैयार किया जायेगा.
अमोनिया के इस लिक्विड को प्रीलिंग टॉवर के जरिये 128.99 मीटर ऊंचाई से गिराया जायेगा. अमोनिया लिक्विड और हवा के रिएक्शन से यूरिया छोटे-छोटे दाने के रूप में टॉवर के बेसमेंट में जमा होगा. इसके बाद नीम का लेप चढ़ाये जाने के बाद बोरे में तैयार यूरिया की पैकिंग हो जायेगी. इसके लिए ऊंचा प्रीलिंग टॉवर लगाया गया है.
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अत्याधुनिक तरीके से होगा नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन
वरीय महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण ने बताया कि जापानी कंपनी द्वारा लगाए जा रहे प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक से नीम कोटेड यूरिया का उत्पादन होगा. प्लांट में कच्चे माल के नाम पर महीने में सिर्फ एक बार नीम ऑयल का टैंकर आयेगा. नीम ऑयल की खपत काफी कम होगी. तैयार यूरिया पर नीम ऑयल का स्प्रे होगा ताकि इसका उपयोग सिर्फ खेती के काम में ही हो सके.
इसके अलावा सिर्फ यूरिया लदे ट्रक ही प्लांट से बाहर जाएंगे. बता दें कि पहले कोयला आधारित यूरिया प्लांट होता था जिसमें बड़ी संख्या में ट्रकों पर कच्चा माल आता था.
प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान हर्ल के वरीय महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण के अलावा हर्ल के ए एम सिविल सुभोजीत चौधरी, प्रवंधक नयन कुमार सिंह, रविकांत प्रसाद, दीपक पाल, टेक्निप के सेफ्टी मैनेजर बबन कुमार सिंह, कंस्ट्रक्शन मैनेजर एस के सिंह, सीनियर मैनेजर सिविल पवन दास, L&T के आरसीएम आरबी त्रिपाठी, Bayging India के सीईओ आर बी झलानी तथा आरसीएम मुरारी सिंह उपस्थित रहे.
आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करने के लिए डेढ़ करोड़ का अनुदान
हर्ल आसपास के ग्रामीणों के उत्थान के प्रति सजग है, यह भरोसा हर्ल के वरीय महाप्रबंधक मुकेश चन्द्र कर्ण ने दिया है. उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि सिंदरी के आसपास स्थिति आंगनबाड़ी केंद्र समेत जिले के सौ आंगनबाड़ी केन्द्रों को विकसित करने के लिए हर्ल प्रबंधन ने धनबाद उपायुक्त अमित कुमार को विशेष सहायता के मद्देनजर डेढ़ करोड़ अनुदान दिया है.
राज्य सरकार की पहल पर हर्ल प्रबंधन ने राशि दी है. कर्ण ने जानकारी दी कि खेलकूद के क्षेत्र में उत्थान हेतु छोटी-छोटी सहायता दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हर्ल यूरिया प्लांट का उत्पादन शुरू होने के बाद सिंदरी की मूलभूत समस्याओं, अस्पताल, अच्छी शिक्षा व्यवस्था, अच्छे माहौल बनाने के प्रति हर्ल प्रबंधन की सकारात्मक सोच है जो समय के साथ लागू किया जायेगा.
उन्होंने पहले प्रोजेक्ट 128.90 मीटर ऊंचा प्रीलिंग टॉवर समय से 30 दिन पहले पूरा होने का श्रेय धनबाद SSP, धनबाद DC को दिया. कर्ण ने कहा कि धनबाद उपायुक्त और एसएसपी सिंदरी हर्ल प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान दिया, जब भी जरूरत पड़ी तत्काल सहयोग मिला. कर्ण ने सिंदरी के स्थानीय लोगों का आभार जताया और कहा कि एक साल तक सहयोग हर्ल प्रबंधन ने स्थानीय से मांगा था और सिंदरी के लोगों ने अभूतपूर्व सहयोग दिया है. उन्होंने सिंदरी डीएसपी और स्थानीय पुलिस के प्रति भी आभार व्यक्त किया.
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