
Chatra : सीसीएल की आम्रपाली कोल परियोजना में कार्य एजेंसी द्वारा अवैध डीजल की खपत और कालाबाजारी कर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाने का मामला तूल पकड़ा है. सिमरिया से अवैध डीजल लदे अंबे माईनिंग के दो टैंकरो के जब्ती मामले में 15 दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी से नाराज पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन नाराज है. डीलर एसोसिएशन ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार के इशारे पर अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय माफियाओं व तस्करों को संरक्षण दिया जा रहा है. वहीं पूर्व से 83 करोड़ के घोटाले के सीबीआई के आरोपी अंबे माइनिंग प्राईवेट लिमिटेड कंपनी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई के बजाय कंपनी को बचाने का षड्यंत्र रचने का जिला प्रशासन व अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया है.
मामले को काफी समय बीत जाने के बावजूद अबतक जांच अधिकारी की नियुक्ति करते हुए तेल के सैंपल और फर्जी चालान की जांच नहीं कराने से नाराज एसोसिएशन ने असहयोग आंदोलन की चेतावनी दी है. पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इंडियन ऑयल के ब्लैक लिस्टेड टैंकर समेत 2 टैंकरों में फर्जी चालान पर लोड रिलायंस का डीजल पकड़ा था. सीसीएल की आम्रपाली परियोजना में कार्यरत अंबे माइनिंग द्वारा कालाबाजारी कर सरकार को प्रतिमाह करोड़ों के राजस्व का चूना लगाने का एसोसिएशन ने आरोप लगाया था.
एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार शुभम ने डीसी समेत राज्य और केंद्र के संबंधित विभागों के मंत्रियों समेत सीसीएल व अन्य वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर और ट्वीट कर जानकारी दी है. साथ ही पकड़े गए टैंकरों में लोड डीजल व चालान कि जांच रिपोर्ट नहीं देने पर सरकारी वाहनों और अधिकारियों को तेल आपूर्ति पर रोक लगाने की चेतावनी दी है.
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