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वास्तविक लाभुकों को नहीं मिला लाभ तो रघुवर सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना हो सकती है बंद : बादल पत्रलेख

Ranchi : पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के कार्यकाल में कृषि विभाग के अंतर्गत चल रही सभी योजनाओं के वास्तविक आंकड़े सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है. इस बात की जानकारी विभागीय मंत्री बादल पत्रलेख ने प्रोजेक्ट भवन में सोमवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को दी.

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बादल पत्रलेख ने कहा कि रघुवर सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना बंद करने या नहीं करने पर बैठक में विशेष बातचीत नहीं हुई. लेकिन बैठक में कृषि विभाग अंर्तगत चल रही सभी योजनाओं के आंकड़े सरकार को उपलब्ध कराने का निर्देश विभागीय अधिकारी को दिया गया.

आंकड़ों की जांच के बाद सरकार देखेगी कि संबंधित योजना का सही लाभ वास्तविक लाभुकों को मिल रहा है कि नहीं. ऐसा नहीं होने पर वैसी सभी योजनाओं को बंद करने की दिशा में हेमन्त सरकार पीछे नहीं हटेगी.

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विभागीय मंत्री ने बताया कि चल रही सभी योजनाओं को चालू रखने के लिए योजनाओं के बजट पर भी हेमंत सरकार प्रमुखता से ध्यान रखेगी.

सहकारिता को जिंदा कर राज्य को बनाया जायेगा हॉर्टिकल्चर हब

सहकारिता विभाग में लगातार गड़बड़ी के सवाल पर बादल पत्रलेख ने कहा कि हेमंत सरकार में सहकारिता को फिर से जिंदा कर राज्य को हॉर्टिकल्चर हब बनाने का काम किया जायेगा. ऐसा होने से राज्य की पहचान जहां विकसित राज्यों जैसी हो सकेगी, वहीं लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा. इसके अलावा सरकार को-ऑपरेटिव सोसाइटी को भी उन्नत करने पर प्रमुखता से काम करेगी.

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किसानों के हित देख डोभा निर्माण पर होगा निर्णय

रघुवर सरकार के कार्यकाल में डोभा निर्माण और उससे हो रही बच्चों की मौत की घटनाओं को लेकर बादल पत्रलेख ने कहा कि डोभा से कितनी एकड़ भूमि सिंचित हो रही है, इस पर बैठक में प्रमुखता से बात की गयी.

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार इस बात को ध्यान में रख कर काम करेगी कि डोभा की उपयोगिता किसानों के हित में है कि नहीं. आनेवाले दिनों में किसानों के फायदे को देख कर ही डोभा निर्माण पर सरकार कोई उचित निर्णय लेगी.

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