
Chandil : नीमडीह प्रखंड के तनकोचा गांव में आदिवासियों को आपस में लड़ाने तथा सामाजिक समरसता बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर संताल जनजाति के लोगों ने सोमवार को अनुमंडल कार्यालय पर प्रदर्शन किया. पारंपरिक हथियार के साथ हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष शामिल हुए. ये लोग सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शन के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा गया.
ज्ञापन में कहा गया कि कुछ पंचायत जनप्रतिनिधियों और संघ से जुड़े लोगों ने विगत 14 जुलाई को एसडीपीओ को मांग पत्र सौंपा था. ज्ञापन में गांव के संताल लोगों पर मनगढंत आरोप लगाया गया था और कुछ निर्दोष आदिवासियों के नाम से मुकदमा करने का कुचक्र रचकर ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न करने का काम किया गया. जबकि आदिवासी समाज के लोग वर्षों से हर पर्व-त्योहार व पूजा-पाठ एक साथ मनाते आ रहे हैं. कभी भी किसी तरह को कोई विवाद नहीं हुआ है. ज्ञापन में मांग की गयी है कि जो लोग गांव की शांति और सद्भावना को बिगाड़ने का काम कर रहे है, उन्हें चिन्हित कर उचित कारवाई की जाये ताकि गांव में शांति का माहौल कायम रहे. ग्रामीणों ने पत्र की प्रतिलिपि जिला के एसपी, चांडिल के एसडीओ, नीमडीह थाना प्रभारी व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गयी है.
इसके पूर्व तनकोचा, बातकमकोचा समेत आसपास के गांवो के संताल समाज के लोग रैली निकालकर चांडिल अनुमंडल कार्यालय पहुंचे. सड़क के दोनों छोर पर कतारबद्ध चलते हुए लोग नारे लगाते हुए आदिवासियों की परंपरा के खिलाफ सामाजिक समरसता को बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे. मौके पर कालीचरण माझी, माझी बाबा ठाकुर दास माझी, गुरुचरण किस्कू, बुद्धेश्वर मार्डी, सुधीर किस्कू, राजा मांझी, ठाकुर सोरेन, श्यामल मार्डी, सुकराम हेम्ब्रम समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे.Jamshedpur : जुबली पार्क में दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग जोन तय करने का उपायुक्त ने दिया निर्देश
इसे भी पढ़ें –




