
Liz Truss ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका कार्यकाल सिर्फ 45 दिन का रहा है. लंबे समय से कयास लग रहे थे कि उनका इस्तीफा होने वाला है. अब वो फैसला ले लिया गया है. अब से कुछ देर पहले उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट के सामने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि जिस मैन्डेट के तहत उनका चुनाव हुआ था उसे वो पूरा नहीं कर सकेंगी. उन्होंने कहा कि जिस दौर में उनका चुनाव प्रधानमंत्री के पद पर हुआ वो “आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता का दौर” था. उन्होंने कहा, “मैं मानती हूं कि जिस तरह की स्थिति है उसमें कंज़र्वेटिव पार्टी ने जिस मैन्डेट के तहत मेरा चुनाव किया था, उसे मैं पूरा नहीं कर सकूंगी.” उन्होंने कहा कि उन्होंने किंग चार्ल्स से बात कर उन्हें इस बात की जानकारी दी है कि कंज़र्वेटिव पार्टी के प्रमुख के तौर पर वो इस्तीफ़ा दे रही हैं.
कंज़र्वेटिव पार्टी सांसद शेरिल मरे ने भी मांगा इस्तीफा
ब्रिटेन में कंज़र्वेटिव पार्टी की एक और सांसद शेरिल मरे ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस के इस्तीफे की मांग की थी. उन्होंने कहा कि लिज़ ट्र्स की स्थिति अब ऐसी नहीं है कि वो प्रधानमंत्री बनी रहें. शेरिल मरे, उस समूह में शामिल हो गई जो पिछले कुछ समय से लिज़ ट्रस ने उनका इस्तीफ़ा मांग रहा था. उन्होंने 1922 समिति के अध्यक्ष ग्राहम ब्रैडी को एक पत्र भेजा है. पत्र में कहा गया है कि कल रात जो कुछ हुआ है उसके बाद लिज़ ट्रस की स्थिति अस्थिर हो गई और उन्हें अब अपनी प्रधानमंत्री में विश्वास नहीं बचा है.
गृह मंत्री का इस्तीफ़ा
बुधवार रात ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दिया था. उनकी जगह पूर्व परिवहन मंत्री ग्रांट शाप्स को गृह मंत्री बनाया गया था. भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने सितंबर महीने में ही ये पद संभाला था. उन्होंने अपने इस्तीफ़े का कारण नई सरकार के कामकाज़ के तरीक़ों को बताया और कहा है कि ये सरकार जिस दिशा में जा रही है उसे लेकर वो चिंतित हैं. प्रवासियों पर उदार नीति की आलोचक रहीं ब्रेवरमैन ने ये भी कहा है कि नई सरकार मतदाताओं से किए वादे भी पूरे नहीं कर रही, जैसे प्रवासियों की संख्या कम करना और अवैध प्रवास पर रोक लगाना.




