Court NewsLead News

चिटफंड और नन बैंकिंग कंपनियों के मामले में हाई लेवल कमिटी बनाने पर हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी गयी है चुनौतीः राज्य सरकार

सुप्रीम कोर्ट का आदेश अब तक आदेश नहीं आया है

Ranchi : चिटफंड घोटाला मामले में निवेशकों के डूबे पैसे की वापसी को लेकर दायर नन बैंकिंग अभिरक्षा निवेशक सुरक्षा समिति सहित अन्य याचिकाओं की सुनवाई बुधवार को झारखंड हाइकोर्ट में हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 11 सितंबर 2023 के हाइकोर्ट के आदेश को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई आदेश नहीं आया है. इस पर हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 3 जनवरी 2024 निर्धारित की है.

45 दिनों के भीतर हाई लेवल कमेटी बनाने का था निर्देश

6 सितंबर को हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि छोटे निवेशकों के डूबे पैसे को उन्हें मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार 45 दिनों के भीतर हाई लेवल कमेटी बनाने का नोटिफिकेशन जारी करे. कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस इस हाई लेवल कमेटी हाइकोर्ट के सेवानिवृत चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्य कमेटी रहेगी. इसमें हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस के अलावे सेक्रेटरी बोर्ड आफ ऑफ रिवेन्यू एवं सीबीआइ के एक पदाधिकारी जो डीआइजी रैंक से कम के न हों रहेंगे. यह हाई लेवल कमेटी चिटफंड कंपनियों द्वारा छोटे निवेशकों के गबन किये गये पैसे को वापस दिलाने का प्रयास करेगी.

क्या है याचिका में

प्रार्थी ने दायर याचिका में कहा है कि चिटफंड कंपनियों ने अधिक ब्याज का लालच देकर उनके पैसे का गबन कर लिया है. मामले की जांच सीबीआइ कर रही है, लेकिन निवेशकों के डूबे पैसे भी वापस दिलवाने की पहल की जाये.

इसे भी पढे़ं – हजारीबाग RTA नहीं इश्यू कर रहा है किसी भी तरह का परमिट, वाहन मालिक लगा रहे आरोप, कहा- कमीशन के पैसे बढ़ाने की डिमांड

Related Articles

Back to top button