
Ranchi: बीजेपी के विधायक दल के नेता और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार के बजट को पूरी तरह से निराशाजनक और प्रदेश की जनता के लिए छलावा बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट गांव, गरीब, किसान, मज़दूर, युवा और बेरोजगार सबको निराश करनेवाला बजट है.
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का इससे कुछ भी भला नहीं होनेवाला है. इस बजट में न तो गरीबी दूर करने की दिशा में कोई प्रयास दिखाई देता है और न ही मज़दूरों की मज़दूरी बढ़ाने पर विचार किया गया है. गरीबों, आदिवासियों के कल्याण की बात करनेवाली सरकार ने मनरेगा के कार्यदिवस और मजदूरी की राशि बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास नहीं किया.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आज गांव से मजदूरी करने आये मजदूर काम के अभाव में वापस लौट जाते हैं. जिसमें ज्यादातर संख्या दलित और आदिवासी समाज की होती है. सरकार कुछ नहीं तो मनरेगा की मजदूरी ही 300 रुपये बढ़ा कर कर देती. इससे गरीबों की आय में बड़ी वृद्धि होती. सरकार ने अपने आर्थिक सर्वेक्षण को आधार माना होता तो गरीबों की आय बढ़ाने की दिशा में सार्थक प्रावधान करती. लेकिन सरकार की सोच गरीबों के लिए सही नहीं है.
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि सरकार की ऋण माफी की घोषणा भी एक धोखा है. इसे श्रेणी और दायरों में सीमित करके लाखों किसानों को धोखा दिया गया है. साथ ही रघुवर सरकार की कृषि आशीर्वाद योजना और पंप सेट वितरण योजना को बंद करने की घोषणा करके उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. इस बजट ने युवाओं, बेरोजगारों को सर्वाधिक निराश किया है. युवा बेरोजगार चुनावी वायदों के अनुरूप बेरोजगारी भत्ता की आशा कर रहे थे. लेकिन उसे भी सीमाबद्ध कर मात्र खाना पूर्ति ही की गयी है. पारा शिक्षकों को भी वेतनमान की घोषणा नहीं करने से वे पूरी तरह छला महसूस कर रहे हैं.
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श्री मरांडी ने कहा कि कृषि प्रधान देश में कृषि रोजगार का सबसे बड़ा क्षेत्र है. लेकिन सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए सिर्फ तीन हजार करोड़ का प्रावधान करके किसानों को हताश किया है. तकनीकी शिक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं है. छात्राओं की तकनीकी शिक्षा के लिए मात्र 10 करोड़ का प्रावधान कोई मायने नहीं रखता. यह केवल आंखों में धूल झोंकने जैसा है.
बजट विकास विरोधी और जनता को हताश-निराश करनेवाला हैः दीपक प्रकाश
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि बजट में सरकार के लोगों की अनुभवहीनता और विकास विरोधी सोच स्पष्ट झलक रही है. श्री प्रकाश ने कहा कि इस बजट से विकास की रफ्तार धीमी होगी. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, किसान, मजदूर, युवा और बेरोजगार सभी निराश हुए हैं. सरकार ने सिर्फ वोट के लिए लंबी घोषणाओं का जाल बिछाया है. जिसकी पोल आज पूरी तरह खुल चुकी है.
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बजट में बीजेपी सरकार की योजनाओं की रिपैकेजिंग कर क्रेडिट लेने की कोशिश की है हेमंत सरकार नेः प्रतुल
बीजेपी सरकार की अधिकतर योजनाओं का नाम बदल कर रीपैकेज कर हेमंत सरकार ने क्रेडिट लेने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पहले से ही चल रही थी. अब इसमें मौजूदा सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को जोड़ कर नया दिखाने की कोशिश की है. बीजेपी सरकार ने सभी जिला केंद्रों में डायलिसिस केंद्र स्थापित करने की पहले ही घोषणा की थी. इस सरकार ने इसका भी श्रेय लेने की कोशिश की है. इन बातों को बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने एक बयान जारी कर कहा है.
प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल का कहना है कि रघुवर सरकार के समय अटल क्लीनिक की स्थापना की घोषणा हो चुकी थी और कई जगह इन क्लीनिक ने काम करना भी शुरू कर दिया था. इस सरकार ने अब इसका नाम बदल कर मोहल्ला क्लीनिक कर दिया है.
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कृषि आशीर्वाद योजना को बंद करके इस सरकार ने अपना किसानों के प्रति विरोधी रवैया भी दिखा दिया. किसानों की ऋण माफी की घोषणा में भी कई पेंच हैं.
सरकार ने पहले घोषणा की थी कि सभी किसानों का ऋण माफ होगा. अब इसमें ₹50,000 की सीलिंग लगा दी है. इसके अतिरिक्त सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है की कॉपरेटिव बैंक, ग्रामीण बैंक और निजी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों की ऋण माफी करने का क्या मैकेनिज्म होगा. इसी भूल भूलैया में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में किसान ऋण माफी के नाम पर सिर्फ 34% किसान ही लाभान्वित हुए थे.
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