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बोकारो: गरगा नदी में अतिक्रमण के साथ हो रहा पानी का दोहन, बिल्डर ने बना डाले दो कुएं

Bokaro: एक तरफ सरकार जल संचय योजना बना रही है. गांव से लेकर शहरी क्षेत्रों के लोगों को जागरुक कर रही है. वहीं दूसरी ओर से बोकारो के गरगा नदी पर अतिक्रमण के साथ नदी में अवैध तरीके से कुंआ बनाकर पानी का लगातार दोहन किया जा रहा है.

सरकार को बगैर राजस्व दिये कुआं बनाया गया है, जिस पर जिला प्रशासन की नजर तक नहीं है. शहर के गरगा नदी पर सेक्टर-6 के पास मालती अपार्टमेंट कंपनी की ओर से करीब पांच सौ से अधिक फ्लैट नदी के किनारे बनाये गये है.

उन फ्लैट्स में पानी की आपूर्ति करने के लिए नदी के किनारे दो बड़े कुएं बनाये गये हैं. इसके साथ ही ब्लीडिंग के निर्माण में भी इस कुआं के पानी का उपयोग व्यापक पैमाने में किया जा रहा है.

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बीते करीब पांच-छह वर्षो से इस कुंआ का उपयोग हो रहा है, लेकिन जिला प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं है.

अपार्टमेंट के अंदर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

मालती अपार्टमेंट की चाहरदीवारी के अंदर मिनी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया गया है. जिसमें गरगा नदी में बनाये गये दोनों कुओं के पानी को मोटर के माध्यम से लाया जाता है. और पूरे उन्नत तरीके से पानी का ट्रीटमेंट किया जाता है.

उसके बाद पानी की आपूर्ति अपार्टमेंट के सभी फ्लैट्स में की जाती है. जबकि निर्माण जैसे कार्यों में नदी के पानी का सीधे इस्तेमाल किया जा रहा है.

इस तरह हर दिन लाखों लीटर पानी का दोहन हो रहा है. नदी पर जिन स्थानों पर कुआं का निर्माण किया गया है, उसके उपर लोहे के चादर लगा दी गयी है.

ताकि तेज वर्षा होने पर अगर नदी में बाढ़ आ जाये, तो कुंआ को नुकसान न पहुंच सके. इसके साथ ही नदी के पास की जमीन का भी यहां पर अतिक्रमण किया गया है.

गरगा नदी का कई स्थानों पर हुआ अतिक्रमण

गरगा नदी का बोकारो में कई स्थानों पर अतिक्रमण हुआ है. जिस मुक्त कराने का लेकर कभी बोकारो जिला प्रशासन गंभीर नहीं हुआ.

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जिस कारण अब लोग नदी के पानी की चोरी का भी काम करने लगे है. नदी के एक हिस्से में बोकारो शहर बसा है, जबकि दूसरे हिस्से में चास शहर और ग्रामीण क्षेत्र है.

इसलिए नदी के किनारे काफी बिल्डर्स ने जमीन लेकर अपना व्यवसाय शुरु कर दिया है. नदी के किनारे जहां भी बिल्डर जमीन का धंधा कर रहे हैं, या कर चुके हैं.

वहां पर नदी की जमीन का अतिक्रमण कर सड़क आदि का निर्माण कर लिया गया है. वहीं सिर्फ कई स्थानों पर नदी के पानी का भी दोहन हो रहा है.

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