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बीजेपी ऑफिस में भाजयुमो अध्यक्ष ने सरेआम सिपाही को पीटा,  मामला दर्ज तो हुआ लेकिन गिरफ्तारी नहीं, अब मन रही बर्थडे पार्टी

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Ranchi: रांची पुलिस जब अपने कुनबे में ही इंसाफ दिलाने में फेल है, तो बाकी आम जनता भला पुलिस से उम्मीद करे भी तो क्या. 29 मार्च को बीजेपी कार्यालय में तैनात सिपाही शिवपूजन यादव की पिटाई पार्टी के युवा मोर्चा के नेताओं ने की थी. इन नेताओं में अध्यक्ष अमित सिंह का नाम सबसे आगे था. घटना को लेकर शिवपूजन यादव ने अरगोड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी थी. पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए अमित सिंह और उनके साथियों पर आइपीसी की धारा 147, 149, 341, 323, 332, 353 और 504 लगायी थी. धारा 353 सरकारी काम में बाधा डालने वाले आरोपी पर लगाया जाता है. यह धारा ननबेलेबल सेक्शन में आता है.

अरगोड़ा थाना प्रभारी राजीव रंजन ने आठ अप्रैल को न्यूज विंग से बताया था कि अमित सिंह और उनके साथियों की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट जारी कराने के लिए आवेदन दिया जा चुका है. कोर्ट बंद रहने की वजह से वारंट नहीं लिया जा सका है. अब दो महीने के बाद अरगोड़ा थाना के प्रभारी का कहना है कि मामले में अनुसंधान जारी है. वारंट नहीं होने की वजह से गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है.

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पुलिस ने जांच में क्या पाया था

अरगोड़ा थाना प्रभारी ने न्यूज विंग को बताया था कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की गयी थी. उसमें पिटाई करनेवाले कार्यकर्ताओं का नेतृत्व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमित सिंह कर रहे थे. सिपाही के मुताबिक, 29 मार्च को उसकी ड्यूटी पार्टी कार्यालय में 12 बजे से लेकर तीन बजे तक दो नंबर गेट पर थी. युवा मोर्चा के नेता जब गेट के पास पहुंचे, तब सिपाही ने उन्हें कार्यालय प्रभारी के आदेश से अवगत कराया. इसके बाद उक्त नेता आक्रोशित होकर सिपाही के साथ गाली-गलौज करने लगे. फिर मारपीट शुरू कर दी. सिपाही किसी तरह जान बचाकर गार्ड रूम की ओर भागा. पर भाजयुमो नेता नहीं माने, सिपाही को पटककर लात-घूंसों से मारने लगे.

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बेखौफ अमित सिंह कार्यालय में ही मना रहे हैं बर्थडे पार्टी

सिपाही शिवपूजन सिंह को पीटने का मलाल भाजयुमो के अध्यक्ष अमित सिंह पर जरा भी नहीं है और कानून का डर तो कतई नहीं. वो भी जानते हैं कि जो एफआईआर होने के बाद सीएम के साथ कई मौकों पर मंच साझा कर सकता है, उसका भला पुलिस क्या बिगाड़ सकती है.

सूत्रों की माने तो अमित सिंह पर किसी तरह की कोई कार्रवाई ना करने के लिए सीधा सीएमओ ने वकालत की है. ऐसे में भाजयुमो अध्यक्ष खुलेआम उसी कार्यालय में अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. जहां उन्होंने एक ड्यूटी पर तैनात पुलिस के जवान को लात और घूसों से पिटाई की थी.

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

इधर पुलिस महकमा ही पुलिस की ऐसी कार्यशैली पर सवाल उठाने लगा है. पुलिस खेमे में यह बातें खूब हो रही हैं कि, अगर ड्यूटी पर तैनात किसी पुलिस की इस कदर पिटाई करने के बावजूद किसी पर सिर्फ इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही है, क्योंकि वो एक पार्टी में ऊंचे ओहदे पर है,  तो ऐसे में भला पुलिस आम जनता के साथ क्या न्याय करेगी.

29 मार्च के बाद करीब 80 दिन बीत गए हैं. लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. वहीं पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश पाठक का कहना है कि इस मामले में पुलिस की कार्यशैली  शर्मनाक है. जब एक सिपाही सुरक्षित नहीं, तो पुलिस कैसे सभी को सुरक्षा देने का दंभ भरती है.

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