Main SliderRanchi

पंचायतों को रोशन करने की है योजना या 63 करोड़ कमीशनखोरी का है प्लान !

Akshay Kumar Jha

Ranchi: आठ मार्च को झारखंड सरकार की तरफ से एक नोटिफिकेशन निकाला गया. नोटिफिकेशन में झारखंड के पंचायतों को दुधिया रोशनी से नहलाने का सब्जबाग है.

हर पंचायत में 200 एलईडी बल्ब लगेंगे. एलईडी बल्ब ईईएसएल नाम की कंपनी के होंगे. पंचायत स्तर पर ग्राम सभा की अनुमति के बाद तय होगा कि बल्ब कहां और कितने लगने हैं.

इसे भी पढ़ेंःएसडीओ से लेकर मजिस्ट्रेट तक ने की जांच, फिर भी कोचिंग संस्थानों ने दुरुस्त नहीं किया फायर फाइटिंग सिस्टम

नोटिफिकेशन में साफतौर पर लिखा गया है कि पंचायतों में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का काम ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत होना है. बल्ब को ईईएसएल कंपनी लगाएगी.

इस कंपनी को मनोनयन के आधार पर बल्ब लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई है. यह सारा काम 14वें वित्त आयोग की मार्गदर्शिका के मुताबिक ही होगा.

लेकिन प्लान तो 63 करोड़ के कमीशनखोरी का है !

सरकार ने ईईएसएल कंपनी के साथ एक करार किया है. करार के मुताबिक, कंपनी को या तो काफी बड़ा मुनाफा देना है या फिर जमकर कमीशनखोरी होने की उम्मीद है.

सरकार की तरफ से ईईएसएल कंपनी के साथ तय हुई दर

24 वाट स्ट्रीट लाइट- 1350 रुपए
आर्म क्लैम और वायर- 415 रुपए
लगाने का चार्ज- 120 रुपए
मेंटेनेंस- 14.71 रुपए प्रति माह

इसे भी पढ़ेंःदर्द-ए-पारा शिक्षक: बूढ़ी मां घर चलाने के लिए चुनती है इमली और लाह के बीज, दूध और सब्जियां तो सपने जैसा

खुले बाजार में एलईडी की कीमत

पंचायतों को रोशन करने की है योजना या 20 करोड़ कमीशनखोरी का है प्लान !

हैवेल्स कंपनी की 24 वॉट की स्ट्रीट लाइट- 980-1000 रुपए
सूर्या कंपनी की 24 वॉट की स्ट्रीट लाइट- 880 रुपए
आर्म क्लैम और वायर- 200 रुपए

कैसे हो रहा है 63 करोड़ के कमीशन का खेल

जिस स्ट्रीट लाइट को सरकार 1350 रुपए में खरीद रही है. बाजार में हैवल्स की वही स्ट्रीट लाइट 980-1000 रुपए में उपलब्ध है और सूर्या की 880 रुपए में. ऐसे में सिर्फ प्रति स्ट्रीट लाइट पर करीब 500 रुपए खेल होना तय है.

हर पंचायत में 200 लाइट लगनी है. झारखंड में पंचायतों की संख्या 4402 है. ऐसे में पूरे झारखंड में सिर्फ स्ट्रीट लाइट खरीदी में 44 करोड़ दो लाख का खेल होगा. वहीं आर्म, क्लैप और वायर की बात की जाए तो सरकार इन तीनों पर 415 रुपए खर्च करने जा रही है.

जबकि खुले बाजार में थोक में लेने पर 100 रुपए में आर्म और क्लैप आसानी से उपलब्ध हैं. वहीं 10 मीटर अच्छा वायर 100 रुपए में आराम से मिल रहा है. ऐसे में आर्म, क्लैप और वायर पर सरकार 215 रुपए ज्यादा खर्च कर रही है.

4402 पंचायतों की बात करें तो आर्म, क्लैप और वायर के पीछे करीब 18 करोड़ 92 लाख का खेल है. कुल हिसाब के मुताबिक, सिर्फ स्ट्रीट लाइट खरीदी और उसे लगाने के लिए आर्म, क्लैप और वायर के पीछे करीब 63 करोड़ का खेल होने वाला है.

इसे भी पढ़ेंःमहामारी से निपटने की क्षमता का अभाव भारत की त्रासदी बन चुका है

Related Articles

Back to top button