
Ranchi: राजधानी रांची के डोरंडा इलाके में बैंक ऑफ इंडिया के पीओ ने सुसाइड कर लिया है. मृतक पीओ का नाम सुप्रियो मजूमदार है. सुप्रियो मजूमदार ने 2015 में बैंक ऑफ़ इंडिया में पीओ के पद पर ज्वाइन किया था. सुसाइड करने के पहले सुप्रियो मजूमदार ने 5 पेज का सुसाइड नोट लिखा है और आपराधिक षड्यंत्र के बारे में बताया है.फिलहाल इस घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस घटना की जानकारी के बाद मामले की छानबीन में जुट गई है.
इसे भी पढ़ें: चक्रधरपुर: मालगाड़ी से खुलेआम होती है कोयले की चोरी, रेलवे सुरक्षा बल को भनक तक नहीं!
कौन थे सुप्रियो मजूमदार और क्या है सुसाइड नोट
बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी सुप्रियो मजुमदार ने अनंतपुर स्ट्रीट 4, थाना- चुटिया अंतर्गत अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी की. पांच पन्ने के अपने सुसाइड नोट में उन्होंने बताया कि कैसे पांच साल पहले रामगढ़ में टैंकर लोन देने में बैंक के कुछ अधिकारियों ने कैसे धोखाधड़ी की. फ्रॉड लोन की जांच सीबीआई ने शुरू की और सुप्रियो से भी पूछताछ हुई पर सारे साक्ष्य देखने के बाद सीबीआई ने सुप्रियो को क्लीन चिट दे दिया और वो गवाह बन गए. लेकिन इसके बाद बैंक के बाकी अधिकारी जो उस वक़्त ब्रांच मैनेजर और क्रेडिट हेड थे उनके खिलाफ जांच जारी रही.
पांच पन्ने का सुसाइड नोट : Document 52
परिवार से मांगी माफी: Document 53
पुलिस पर लगा प्रताड़ित करने का आरोप
इस बीच एक ग्राहक ने रामगढ़ पुलिस के पास लोन न देने का केस दर्ज करवाया। ऐसे ही मामले की सीबीआई जांच चलते रहने पर भी रामगढ़ पुलिस सुप्रियो को जांच के नाम पर तंग करने लगी। महीनों तक पुलिस के हरासमेंट के बाद सुप्रियो ने इस बेवजह की परेशानी और प्रताड़ना से तंग आकर जान देना ज़्यादा मुनासिब समझा.सुप्रियो की कुछ साल पहले ही शादी हुई थी। पत्नी के अलावा बैंक ऑफ इंडिया से ही रिटायर्ड पिता और बहन हैं।

पांच पन्ने का सुसाइड नोट : 


